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20 से अधिक ब्रांड के गुटखा और पान मसाला का सैंपल फेल, मिला हानिकारक तत्व

* सैंपल की जांच में पाया गया मैग्नीशियम कार्बोनेट

* मुंह से संबंधित बीमारी होने का रहता है अधिक खतरा

रायपुर. राजधानी सहित राज्य के सभी जिलों में धड़ल्ले से बिक रहा गुटखा लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाला साबित हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले दिनों 20 से अधिक गुटखा व पान मसाला के सैंपल जांच के लिए अलग-अलग लैब में भेजे था। उसकी रिपोर्ट चौकाने वाली आई है। रिपोर्ट के मुताबिक सभी के सभी गुटखा जांच में फेल हो गए हैं। सभी गुटखा और पान मसाला में मैग्नीशियम कार्बोनेट नाम का हनिकारक तत्व पाया गया है। यह मानव जीवन के लिए घातक बताया जा रहा है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने सभी गुटखा की बिक्री पर रोक लगाने के लिए राज्य शासन को पत्र लिखा है।
 
गुटखा में मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाए जाने की जानकारी का खुलासा सबसे पहले बिहार हुआ था। इसकी खतरनाक स्थिति को देखते हुए वहां सभी गुटखा व पान मसाला की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद ही छत्तीसगढ़ में भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की नीद टूटी। उन्होंने आनन-फानन में दुकानों से अलग-अलग 20 से अधिक ब्रांड के गुटखा व पान मसाला के सैंपल लिए और उसकी जांच के लिए कोलकाता, लगखनऊ दिल्ली सहित अलग-अलग लेब्रोटरी में भेजा था। वहां जब रिपोर्ट आई तो अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रिपोर्ट में साफ-साफ आया है कि यहां भी बेचे जा रहे गुटखा और पान मशाना में मैग्नीशियम कार्बोनेट को धड़ल्ले से मिलाया जा रहा है। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरी तरह से हानिकारक है। सूत्रों के मुताबिक पान मसाला में मैग्नीशियम कार्बोनेट जर्दा को तीखा करने के लिए मिलाया जा रहा है। लोग ऐसे पान मसाला को धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं अधिक मात्रा में खाने से लोग में इसे खाने की लत पड़ जाती है। इसके इस्तेमाल से लोग मुंह की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।

इन गटखा व पान मसाला के लिए गए थे सैंपल

रजनीगंधा पान मसाला
पान बहार पान मसाला
पराग पान मसाला
पान पराग पान मसाला
बहार पान मसाला
राजश्री पान मसाला
विमल पान मसाला
कई लोकल ब्रांड

वर्जन-

गुटखा व पान मसाला के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जांच में सभी सैंपल फेल हो गए हैं। उनमें मैग्नीशियम कार्बोनेट का होना पाया गया है। इसके नुकसान को देखते हुए हमने इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए शासन को पत्र लिखा है।

-एसएन राठौर, आयुक्त, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग, रायपुर

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