पी डब्लू डी का रेस्ट हाऊस बना थाना प्रभारी का घर,पिछले छः महीनों से कर रहा निवास
NEWSSEARCH.IN@बम्हनीडीह। रेस्ट हाउस के कमरा नंबर दो पर पिछले छः महीने से पुलिस महकमे के अधिकारि एवं बम्हनीडीह थाना प्रभारी राजेश श्रीवास्तव का कब्जा है।बताते हैं कि थाना प्रभारी के रहने के लिए थाना में बने सरकारी आवास में कमरा बना हुआ है। इसके बाद भी प्रभारी का रेस्ट हाउस पर कब्जा बरकरार है। थाना प्रभारी राजेश श्रीवास्तव ने जब से बम्हनीडीह थाना का कार्यभार संभाला है तब से लेकर आज तक पी डब्लू डी के रेस्ट हाऊस में निवास कर रहे है जबकि रेस्ट हाऊस में ठहरने के लिए पी डब्लू डी के अधिकारी का आदेश लेना पड़ता है पर उनके द्वारा रेस्ट हाऊस में ठहरने का किसी भी प्रकार का आदेश नहीं लिया गया है। आपको बता दें कि सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को भी गेस्ट हाउस में ठहरने पर किराया देना पड़ता है। एक दिन के लिए 100 से 150 रुपए के आस पास किराया निर्धारित है। इस लिहाज से कमरा नंबर 2 का छह महीने का किराया काफी ज्यादा हो रहा है । लेकिन अभी तक किसी ने इसका किराया भी अदा नहीं किया है। बताया जा रहा है कि किराया वसूल करने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है, लेकिन पुलिस अधिकारी से किराया मांगने की कोई साहस भी नहीं जुटा पा रहा है। उपर से किसी जन प्रतिनिधि के आने पर जब ताला बंद दिखता है तो उनकी भी सुननी पड़ती है।
यहां वीआईपी हैं इंतजाम
दरअसल थाना प्रभारी को जो सुख-सुविधा उनके आवास पर दी गई है उनसे कहीं अधिक इंतजाम पी डब्लू डी के रेस्ट हाउस में मौजूद हैं। एयर कंडीशन, लग्जरी बाथरूम, बेहतरीन किचन, अच्छा लुक आदि खुद को वीआईपी होने का एहसास दिलाती है। इस रेस्ट हाउस में सिर्फ दो ही कमरे हैं जिसमें से एक को काफी दिनों से प्रभारी ने अपने कब्जे में ले रखा है।
क्या कहते है पी डब्लू डी के अधिकारी
इस संबंध में जब पी डब्लू डी विभाग के ईई वाय. के. गोपाल से बात की गई तो उनका कहना है कि पी डब्लू डी के रेस्ट हाऊस में नियमानुसार कोई दो तीन दिन से अधिक समय नहीं रुक सकता।यदि थाना प्रभारी वहा छह माह से है तो गलत है।इसकी जानकारी लेकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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यहां वीआईपी हैं इंतजाम
दरअसल थाना प्रभारी को जो सुख-सुविधा उनके आवास पर दी गई है उनसे कहीं अधिक इंतजाम पी डब्लू डी के रेस्ट हाउस में मौजूद हैं। एयर कंडीशन, लग्जरी बाथरूम, बेहतरीन किचन, अच्छा लुक आदि खुद को वीआईपी होने का एहसास दिलाती है। इस रेस्ट हाउस में सिर्फ दो ही कमरे हैं जिसमें से एक को काफी दिनों से प्रभारी ने अपने कब्जे में ले रखा है।
क्या कहते है पी डब्लू डी के अधिकारी
इस संबंध में जब पी डब्लू डी विभाग के ईई वाय. के. गोपाल से बात की गई तो उनका कहना है कि पी डब्लू डी के रेस्ट हाऊस में नियमानुसार कोई दो तीन दिन से अधिक समय नहीं रुक सकता।यदि थाना प्रभारी वहा छह माह से है तो गलत है।इसकी जानकारी लेकर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।


