न्यूज सर्च@रायगढ़:- रायगढ़ कलेक्टर यशवंत कुमार के निर्देशन पर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान खरीदी से जुड़े नोडल व निरीक्षणकर्ता अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें सहकारिता विभाग, जिला विपणन एवं खाद्य विभाग द्वारा धान खरीदी से जुड़ी जानकारी दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि धान खरीदी केन्द्रों के कम्प्यूटर ऑपरेटरों को निर्देशित कर पंजीकृत छोटे किसान जिनकी भूमि रकबा पांच एकड़ या ढ़ाई एकड़ से कम हो को पहले टोकन जारी किया जाकर धान खरीदी में प्राथमिकता दिया जाना है। धान के विभिन्न किस्मों को दिखाकर बताया गया कि पंजीकृत कृषकों से खरीदी जाने वाले के गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जावे तथा धान साफ-सुथरा एवं सूखा ही क्रय किया जावे। तदनुसार सूचना फ्लेक्स के माध्यम से समिति प्रांगण में अनिवार्य रूप से लगाया जाकर कृषकों को अवगत कराया जाये तथा मानक धान का सेम्पल समिति में अनिवार्यत: रखा जाये। कृषकों द्वारा बिक्री के लिए लाये गये धान का पहले फड़ में ही ढेरी लगाया जावे तथा फिर आर्द्रता की जांच के बाद ही साफ व सूखा होने पर ही समिति के बारदाना में भरकर तौलाई किया जावे। धान केवल दिन के उजाले में ही तौल कर सिलाई कराया जावे एवं व्यवस्थित किस्मवार नया/पुराना बारदाना के आधार पर स्टेक लगाया जावे।
न्यूज सर्च@रायगढ़:- रायगढ़ कलेक्टर यशवंत कुमार के निर्देशन पर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान खरीदी से जुड़े नोडल व निरीक्षणकर्ता अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें सहकारिता विभाग, जिला विपणन एवं खाद्य विभाग द्वारा धान खरीदी से जुड़ी जानकारी दी गई। कार्यशाला में बताया गया कि धान खरीदी केन्द्रों के कम्प्यूटर ऑपरेटरों को निर्देशित कर पंजीकृत छोटे किसान जिनकी भूमि रकबा पांच एकड़ या ढ़ाई एकड़ से कम हो को पहले टोकन जारी किया जाकर धान खरीदी में प्राथमिकता दिया जाना है। धान के विभिन्न किस्मों को दिखाकर बताया गया कि पंजीकृत कृषकों से खरीदी जाने वाले के गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जावे तथा धान साफ-सुथरा एवं सूखा ही क्रय किया जावे। तदनुसार सूचना फ्लेक्स के माध्यम से समिति प्रांगण में अनिवार्य रूप से लगाया जाकर कृषकों को अवगत कराया जाये तथा मानक धान का सेम्पल समिति में अनिवार्यत: रखा जाये। कृषकों द्वारा बिक्री के लिए लाये गये धान का पहले फड़ में ही ढेरी लगाया जावे तथा फिर आर्द्रता की जांच के बाद ही साफ व सूखा होने पर ही समिति के बारदाना में भरकर तौलाई किया जावे। धान केवल दिन के उजाले में ही तौल कर सिलाई कराया जावे एवं व्यवस्थित किस्मवार नया/पुराना बारदाना के आधार पर स्टेक लगाया जावे।

