न्यूज़ सर्च@कोरबा:- वनमंडल कटघोरा अंतर्गत केंदई रेंज के दलदल में फंसे हाथी की मौत हो गई है। दो दिन बाद भी विभाग का अमला हाथी को दलदल से बाहर नहीं निकाल सका है। हाथी को बचाने वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट की भी मदद नहीं ली गई। वन विभाग की ओर से हाथी का इलाज भी एक्सपर्ट डॉक्टर से नहीं कराया गया।
दलदल में फंसे हाथी को बाहर निकालने शुक्रवार सुबह छह बजे से वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। हाथी को दलदल से बाहर निकालने के लिए विभाग की ओर से चेन माउंटेन क्रेन की मदद लेने की बात कही गई थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर तक चेन माउंटेन क्रेन नहीं पहुंची थी। जेसीबी मशीन से ही हाथी को बाहर निकालने की कोशिशें की जा रही थी। सुबह से शाम हो गया, लेकिन जेसीबी की मदद से ना तो दलदल को ही हटाया जा सका और नहीं हाथी बाहर आ सका। दलदल में फंसे हाथी के शरीर से जब कोई हरकत सामने नहीं आई, तो विभाग के अफसर हरकत में आए। कटघोरा से केला लेकर हाथी को खिलाने पहुंचे, लेकिन हाथी की ओर से कोई हरकत नहीं दिखा। वन विभाग के अधिकारियों ने मोबाइल पर पशु चिकित्सकों से संपर्क कर हाथी की स्थिति को बताया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शुक्रवार दोपहर हाथी ने दम तोड़ दिया। तीन दिन से हाथी दलदल में फंसा हुआ था। दो दिन से वन विभाग के आला अफसरों को घटना की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन डीएफओ डीडी संत ने घटना स्थल पर जाना भी जरूरी नहीं समझा। ना ही हाथी की जान बचाने के लिए एक्सपर्ट बुलाने के लिए कोई पहल की। खुद के संसाधन से ही रेंजर व बीटगार्ड कोशिश करते रहे। ठंड के दिन में दलदल में हाथी के पड़े-पड़े मौत हो गई।
वर्सन-
वनमंडल की केंदई रेंज में फंसे हाथी की मौत हो गई है। 40 से 45 घंटे हाथी दलदल में फंसा रहा। आशंका है कि हाइपोथैरमिया जैसी स्थिति के कारण मौत हुई होगी।
- एसके तिवारी, एसडीओ कोरबा
दलदल में फंसे हाथी को बाहर निकालने शुक्रवार सुबह छह बजे से वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। हाथी को दलदल से बाहर निकालने के लिए विभाग की ओर से चेन माउंटेन क्रेन की मदद लेने की बात कही गई थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर तक चेन माउंटेन क्रेन नहीं पहुंची थी। जेसीबी मशीन से ही हाथी को बाहर निकालने की कोशिशें की जा रही थी। सुबह से शाम हो गया, लेकिन जेसीबी की मदद से ना तो दलदल को ही हटाया जा सका और नहीं हाथी बाहर आ सका। दलदल में फंसे हाथी के शरीर से जब कोई हरकत सामने नहीं आई, तो विभाग के अफसर हरकत में आए। कटघोरा से केला लेकर हाथी को खिलाने पहुंचे, लेकिन हाथी की ओर से कोई हरकत नहीं दिखा। वन विभाग के अधिकारियों ने मोबाइल पर पशु चिकित्सकों से संपर्क कर हाथी की स्थिति को बताया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शुक्रवार दोपहर हाथी ने दम तोड़ दिया। तीन दिन से हाथी दलदल में फंसा हुआ था। दो दिन से वन विभाग के आला अफसरों को घटना की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन डीएफओ डीडी संत ने घटना स्थल पर जाना भी जरूरी नहीं समझा। ना ही हाथी की जान बचाने के लिए एक्सपर्ट बुलाने के लिए कोई पहल की। खुद के संसाधन से ही रेंजर व बीटगार्ड कोशिश करते रहे। ठंड के दिन में दलदल में हाथी के पड़े-पड़े मौत हो गई।
वर्सन-
वनमंडल की केंदई रेंज में फंसे हाथी की मौत हो गई है। 40 से 45 घंटे हाथी दलदल में फंसा रहा। आशंका है कि हाइपोथैरमिया जैसी स्थिति के कारण मौत हुई होगी।
- एसके तिवारी, एसडीओ कोरबा


