देखरेख के अभाव में शो-पीस बना वाटर एटीएम
न्यूज सर्च@जांजगीर-चांपा। आम जनता को सस्ती दर पर शुद्ध पेयजल मुहैया हो सके इसके लिए जिला पंचायत व जिला अस्पताल में वाटर एटीएम लगाया गया है, लेकिन वाटर एटीएम से पानी नहीं निकल रहा है। ये वाटर एटीएम महज शो-पीस बन कर रह गए हैं। गर्मी में लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। आसपास के गांव सहित दूर-दराज के लोग जिला पंचायत में रोजाना सुबह से अपना काम लेकर पहुंचते हैं। इसी तरह जिला अस्पताल में भी रोजाना सैकड़ो की तादात मरीज व उनके परिजन उपचार के लिए आते हैं। इनको पानी बाहर के दुकान में ज्यादा कीमत पर खरीदनी पड़ती है। नतीजतन वाटर एटीएम सिर्फ शोभा बढ़ा रहे हैं। प्यासे लोग उसके करीब आते हैं, लेकिन पास आने पर यह पता चलता है कि वाटर एटीएम तो केवल नाम मात्र है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर लोगों की समस्या से कितने वाकिफ हैं और उसका निराकरण करने में कितनी दिलचस्पी लेते हैं। लोगो के कंठ सूखने लगे है। वे पानी की तलाश में वाटर एटीएम की ओर निहारते है, लेकिन उन्हें उस वक्त मायूसी हाथ लगती है। ऐसे में प्रशासन को वाटर एटीएम में सुधार कार्य कराने की दरकार है।
लाखों खर्च कर भुला जिला प्रशासन
जिला अस्पताल व जिला पंचायत में बड़े तामझाम के साथ वाटर एटीएम लगा दिया गया ,मगर इसकी देखरेख व मेंटेनेंस करने किसी भी अधिकारी ने गंभीरता नहीं दिखाई। इसका खामियाजा वाटर एटीएम में पानी की आस लिए गरीब व मध्यमवर्गीय लोगों झेलना पड़ रहा है। ऐसे में जाहिर है कि जिले के अफसर व नेता योजना में आए पैसे का किस तरह लोगों के हित के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वाटर एटीएम लगाने के बाद जवाबदार अधिकारियों ने इसकी ओर झांकना भी मुनासिब नहीं समझा, जिसके चलते वाटर एटीएम शोभा बढ़ाने के काम आ रहा है और जिला अस्पताल व जिला पंचायत में अपना काम लेकर आए हुए लोगों को ₹20 लीटर में बाहर दुकान से पानी खरीदना पड़ रहा है।


