गर्मी आते ही शीतल पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
जांजगीर-चांपा। गर्मी बढ़ने के साथ ही शीतल पेय की मांग बढ़ गई है। नीबू पानी, शिकंजी, कोल्ड ड्रिंक के साथ ही गन्ना रस की मांग बढ़ गई है। जिला मुख्यालय जांजगीर और चांपा के विभिन्न जगहों में दर्जनों गन्ना रस की दुकान लग गई है। अभी अम्बिकापुर से सात सौ से लेकर एक हजार रुपए क्विंटल के भाव से गन्ना मंगाया जा रहा है।
मार्च महीने में ही गर्मी शुरू हो गई है। लोग गर्मी से राहत पाने कई जतन कर रहे हैं। तापमान बढ़ने के कारण लोगों का गला बार-बार सूख रहा है। ऐसे में शीतल पेय से लोगों को कुछ हद तक राहत मिल रही है। जांजगीर और चांपा के विभिन्न जगहों में गन्ना रस की दर्जनों दुकानें लग गई है। चांपा के गन्ना रस व्यवसायी ओम यादव ने बताया कि अभी गन्ने की आवक अम्बिकापुर से हो रही है। इस बार गन्ना सात सौ से लेकर एक हजार रुपए क्विंटल चल रहा है, जो पिछले साल की तुलना में कुछ अधिक है। इसके बावजूद गन्ना रस का गिलास 10 रुपए ही रखा गया है।
जांजगीर-चांपा। गर्मी बढ़ने के साथ ही शीतल पेय की मांग बढ़ गई है। नीबू पानी, शिकंजी, कोल्ड ड्रिंक के साथ ही गन्ना रस की मांग बढ़ गई है। जिला मुख्यालय जांजगीर और चांपा के विभिन्न जगहों में दर्जनों गन्ना रस की दुकान लग गई है। अभी अम्बिकापुर से सात सौ से लेकर एक हजार रुपए क्विंटल के भाव से गन्ना मंगाया जा रहा है।
मार्च महीने में ही गर्मी शुरू हो गई है। लोग गर्मी से राहत पाने कई जतन कर रहे हैं। तापमान बढ़ने के कारण लोगों का गला बार-बार सूख रहा है। ऐसे में शीतल पेय से लोगों को कुछ हद तक राहत मिल रही है। जांजगीर और चांपा के विभिन्न जगहों में गन्ना रस की दर्जनों दुकानें लग गई है। चांपा के गन्ना रस व्यवसायी ओम यादव ने बताया कि अभी गन्ने की आवक अम्बिकापुर से हो रही है। इस बार गन्ना सात सौ से लेकर एक हजार रुपए क्विंटल चल रहा है, जो पिछले साल की तुलना में कुछ अधिक है। इसके बावजूद गन्ना रस का गिलास 10 रुपए ही रखा गया है।


