कोरोना वायरस से बचने अधिकतर मरीजों को आयुष-64 की दवा
नीम, तुलसी व आंवला जूस की मांग भी बढ़ी, गार्डन किनारे बढ़ी जूस की बिक्री
न्यूज़ सर्च@रायपुर:- भारत सहित अन्य देशों में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की इस तरह दहशत है कि अब लोग उससे बचने के लिए हर तरह के उपाय कर रहे हैं। लोग आयुर्वेद, एलोपैथ सहित हर विधा की दवाओं का उपयोग कर रहे हैं। आयुर्वेद की बात करें तो इन दिनों शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गिलोय और तुलसी का काढ़ा पीने की सलाह दी जा रही है। इससे आयुर्वेदिक दुकानों में इसकी मांग काफी बढ़ गई है।इस बारे में जब दुकान संचालकों से बात की गई तो उनका कहना है कि पहले की मुताबिक तुलसी गिलोय सहित अन्य जड़ी बूटियों से बनी दवाओं की बिक्री काफी बढ़ गई है। इससे आयुर्वेदिक जड़ीबूटी की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। आयुर्वेदिक अस्पताल के डॉ. अरुणा ओझा से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक कोरोना वायरस से बचने के लिए कोई दवा नहीं बनी है। आयुष मंत्रालय ने इस वायरस से बचने के लिए कुछ दवांए देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में सभी वायरल फीवर या कोरोना से संबधित लक्षणों वाले मरीजों को आयुष-64 दवा दी जा रही है। यह दवा किसी भी प्रकार के वायरल को फैलने से रोकती है। अधिकतर मरीजों को यही दवा दी जा रही है। उनका कहना है, लोगों को प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अदरक, तुलसी, दाल चीनी व गिलोय से बने काढ़े का उपयोग करना चाहिए।


