देवेन्द्र यादव@पामगढ़ - नोवल कोरोना महामारी के चलते लॉक डाऊन के दौरान एक ओर घर में रहकर जरुरतमंद गरीब लोग दाने दाने के लिये मोहताज हैं। तो वही दूसरी ओर उनकी मदद करने के बजाय गरीबों को शासन द्वारा मिलने वाली खाद्य सामाग्रीयों में अपना अधिकार जमा रहें है मामला जय चंडी स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत केसला विकसखंड पांमगढ़ में उचित मूल्य की दुकान संचालित किया है। जंहा लगभग 5 माह पहले से अन्य प्रांतो में कमाने खाने के लिए पलायन कर चूके गरीब, राशन कार्ड हितग्राहियों के राशन को उचित मूल्य दुकान के संचालक ही उन लोगों के नाम पर खाद्यान उठाव कर उसे बाजार में ओने पौने दामों में बेच रहें है। ग्रामीणो ने बताया ऐसे इसलिए हो रहा है क्योकी उचित मूल्य दुकान को खाद्य निरीक्षक सुश्री ज्योति मिश्रा का समर्थन है। ग्रामीणो ने बताया उक्त खाद्य निरीक्षक को कई बार इस सम्बंध में मौखिक और लिखित अवगत करा चूकें है।लिखित सूचना दिये तो पावती भी नही दिये इसके बावजूद उनके द्वारा कोई पहल भी नही की जा रही है। लॉक डाऊन होने के कारण जिला कलेक्टर और खाद्य अधिकारी के पास नही जा पा रहें है।
जिसके कारण उचित मूल्य दुकान संचालक का मनोबल बढ़ रहा है। इसको देखते हुये ग्रामीणो ने दिनांक 16/03/2020 को अनुविभगीय अधिकारी जनपद पंचायत पांमगढ़ को शिकायत भी कर दिये हैं जिसमें दो मृत व्यक्ति को राशन देने और बाईस लोग जो अन्य प्रांत पलायन कर चुके हैं उन्हे राशन प्रदान करने की शिकायत किया गया है। फिर भी प्रशासन उदासीन नजर आ रहा है। वहीं हितग्राहियों का यह भी आरोप है कि निर्धारित दर से अधिक दर पर राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीणो का कहना है की जयचंडी स्व सहायता समूह के अध्यक्ष, सचिव और सदस्यों के घर में छापामारी की कार्यवाही की जाये तो कई बोरे चावल और राशन कार्ड जप्त हो सकते है।
जिसके कारण उचित मूल्य दुकान संचालक का मनोबल बढ़ रहा है। इसको देखते हुये ग्रामीणो ने दिनांक 16/03/2020 को अनुविभगीय अधिकारी जनपद पंचायत पांमगढ़ को शिकायत भी कर दिये हैं जिसमें दो मृत व्यक्ति को राशन देने और बाईस लोग जो अन्य प्रांत पलायन कर चुके हैं उन्हे राशन प्रदान करने की शिकायत किया गया है। फिर भी प्रशासन उदासीन नजर आ रहा है। वहीं हितग्राहियों का यह भी आरोप है कि निर्धारित दर से अधिक दर पर राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीणो का कहना है की जयचंडी स्व सहायता समूह के अध्यक्ष, सचिव और सदस्यों के घर में छापामारी की कार्यवाही की जाये तो कई बोरे चावल और राशन कार्ड जप्त हो सकते है।


