सुंदरेली से मसनियाकला रोड को ठेकेदार ने बांट दिया टुकड़ों में, नियमों की उड़ रही धज्जियां
न्यूज़ सर्च@जांजगीर-चांपा. एक तरफ पीडब्ल्यूडी गुणवत्तायुक्त कार्य करने का दावा करता है और दूसरी तरफ खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुंदरेली से मसनियाकला रोड इसका जीता जागता प्रमाण है। इस रोड का जहां काली मिट्टी डालकर बेस तैयार किया गया है तो वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार लगभग 100 किलोमीटर दूर से जीएसबी मटेरियल लाकर रोड बना रहा है। उसके पास साइट के नजदीक खुद का जीएसबी प्लांट नहीं है। यह सब जानते हुए भी पीडब्ल्यूडी के ईई, एसडीओ और सब इंजीनियर अपनी आंखे मूंदे बैठे हैं।गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा साल 2018 में सुन्दरेली से मसनियाकला तक 30 किलो मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य की निविदा जारी की गई थी। ठेकेदार डीसी राठौर ने निविदा दर से कम रेट पर टेंडर डालकर 36.55 करोड़ इस सड़क के निर्माण का टेंडर लिया। टेंडर में शर्त यह थी कि ठेकेदार के पास साइट से कुछ दूर पर अपना जीएसबी प्लांट होना चाहिए, जहां से वह सही मानक में जीएसबी मटेरियल को मिक्स करके लाएगा और उसके बाद उससे सड़क का बेस तैयार करेगा। ठेकेदार ने साइट के नजदीक प्लांट न शिफ्ट करते हुए अधिकारियों से मिलीभगत करके घटिया सामग्री से जीएसबी कर डाला है। यदि इसकी जांच कर उसे उखाड़ा न गया तो यह सड़क एक मानसून भी नहीं झेल पाएगी।



