*सामुदायिक और हितग्राहीमूलक कार्यों से गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण*
न्यूज़ सर्च@रायपुर:- प्रदेश में व्यापक स्तर पर शुरू किए गए मनरेगा कार्यों से आजीविका संवर्धन के अनेक कार्य हो रहे हैं। सामुदायिक और हितग्राहीमूलक दोनों तरह के कार्यों से गांवों में बड़ी संख्या में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो रहा है। जांजगीर-चांपा जिले की 545 ग्राम पंचायतों में अभी मनरेगा के अंतर्गत काम चल रहे हैं। इन कार्यों से जिले के एक लाख 34 हजार मजदूरों को सीधे रोजगार मिला हुआ है।मनरेगा के तहत अभी गांवों में तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण, गोठान और नाला निर्माण जैसे कार्य बड़ी संख्या में लिए गए हैं। कोविड-19 का संक्रमण रोकने सभी कार्यस्थलों में सामाजिक और शारीरिक दूरी बरतते हुए काम कराए जा रहे हैं। काम शुरू करने के पहले मजदूरों के हाथ सैनिटाइजर, हैंडवाश या साबुन से धुलवाए जा रहे हैं। मुंह ढंकने के लिए श्रमिक मास्क या गमछे का उपयोग कर रहे हैं। काम की माँग को देखते हुए कई गांवों में एक से ज्यादा काम शुरू किए गए हैं।
*जांजगीर-चांपा में 5200 कार्य स्वीकृत*
जॉबकॉर्डधारी परिवारों द्वारा काम की व्यापक मांग को देखते हुए जांजगीर-चांपा जिले में 5200 कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इनमें जल संरक्षण एवं जल संचय के कार्यों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है। जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के 535 कार्यों में एक लाख 23 हजार 699 मजदूर कार्य कर रहे हैं। आँगनबाड़ी एवं अन्य ग्रामीण अधोसंरचना के 12 कार्यों में 242 मजदूर, सूखारोधन के 30 कार्यों में 1212 मजदूर, सूक्ष्म सिंचाई के आठ निर्माण कार्यों में 224 मजदूर, ग्रामीण सड़क संपर्क के 25 कार्यों में 4846 मजदूर, रुरल सेनिटेशन के 15 कार्यों में 170 मजदूर काम कर रहे हैं। वहीं हितग्राहीमूलक कार्यों के अंतर्गत पड़त भूमि की भू-उत्पादकता बढ़ाने हितग्राहियों की निजी भूमि पर भूमि सुधार के 57 कार्य शुरु किये गये हैं जिनमें 2644 मजदूर कार्यरत हैं। साथ ही कूप, पशु-शेड, डबरी, नोडेप जैसे 379 व्यक्तिमूलक कार्यों में 1549 मजदूरों को रोजगार मिला है।जिले में स्वीकृत 335 गौठानों में से 144 में मनरेगा अंतर्गत निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 180 गौठानों के कार्य प्रगति पर हैं। इसी तरह नरवा के तहत 87 नालों में 865 कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 190 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं और 246 प्रगतिरत हैं। इन नालों के पुनरुद्धार के लिए ब्रशबुड चेकडेम, लूज बोल्डर, परकोलेशन टैंक, गैबियन संरचना, डाइकवॉल, गली प्लग जैसे कार्य किए जा रहे हैं।


