न्यूज़ सर्च@रायपुर:- रायपुर के प्रगतिशील किसान हेमंत गोहिल ने कभी छह एकड़ जमीन से सब्जी की खेती शुरू की थी। आज वो 80 एकड़ में आधुनिक खेती कर सैकड़ों लोगों को रोजगार दे रहे हैं। इतना ही नहीं उनकी सफल कार्यशैली को देख किसानों ने उन्हें किसान महासंघ का सचिव चुना और इस पद पर रहते हुए वह पिछले आठ सालों से युवा किसानों को उन्नत खेती के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। हेमंत ने भी बाकी सफल लोगों की तरह शुरूआती दिनों में काफी संघर्ष किया है, जिसे उन्होंने पत्रिका के साथ साझा किया है। उनकी कहानी हर युवा के लिए प्रेरणादायक है।
हेमंत गोहिल का जन्म 8 जुलाई 1962 को रायपुर मौदहापारा में हुआ था। पिता हरिराम गोहिल बोरिंग करने का काम करते थे। तीन बहन दो भाई में हेमंत चौथे नंबर के हैं। पढ़ाई के दौरान घर की स्थिति उतनी अच्छी न होने के चलते हेमंत ने 10वीं की पढ़ाई करते हुए ही पिता के साथ बोरिंग का काम शुरू कर दिया था। उन्होंने 17 साल यानी लगभग 30 साल की उम्र तक यह काम किया और रायपुर से बी-कॉम करने के बाद इसे छोड़ दिया। इसके बाद 1983 में मेडिकल स्टोर में बिलिंग करने की नौकरी 200 रुपए महीने से शुरू किया। हिंदुस्तान लीवर में दो से तीन साल तक नौकरी की और फिर जॉब छोड़कर 1988 में शिक्षित बेरोजगार में लोन लेकर टाटा 407 खरीदी और तीन से चार सालों तक चलाया। दोस्तों ने खेती करने का सुझाव दिया तो टाटा 407 बेंचकर पैसों का इंतजाम किया और छह एकड़ जमीन खरीदकर खेती का काम शुरू किया। इसमें सफलता मिली और आज खुद की 30 एकड़ जमीन के साथ 40-50 एकड़ जमीन किराय की लेकर सब्जी की खेती कर रहे हैं।





