न्यूज़ सर्च@रायगढ़:- धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज में एक हाथी की मौत हुई है। दो दिनों के भीतर ये हाथी की दूसरी मौत हुई है। यह मामला धरमजयगढ़ वनमंडल की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। फिलहाल हाथी के मौत का कारण अभी अज्ञात बताया जा रहा है।
जैसे ही हाथी की मौत के मामले की जानकारी वन अमले को मिली वो खानापूर्ति करने मौके पर पहुंचा। अमला आगे की कार्रवाई में जुट गया है। लोगों का कहना है वन विभाग की ढील के चलते वन क्षेत्र में शिकारी सक्रिय हो गए हैं। उनके द्वारा वन्य प्राणियों की हत्या करके उनके अंगों की तस्करी की जा रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक आज छाल रेंज के बेहरामार में एक दंतैल का शव देखा गया। इसके बाद मामले की जानकारी विभागीय अमले को लगी। बताया जा रहा है की रात में हाथी कटहल खाने को गांव के करीब पहुंच रहे थे। मामले की जानकारी मिलते ही धरमजयगढ़ डीएफओ सहित वन अमला मौके पर पहुंच गया और आगे की जांच में जुट गया। हाथी के मौत का कारण उक्त पंक्ति के लिखे जाने तक अज्ञात बताया जा रहा है। फिलहाल यह गणेश हाथी के होने की भी पुष्टि अभी विभाग नही कर रहा है।
जैसे ही हाथी की मौत के मामले की जानकारी वन अमले को मिली वो खानापूर्ति करने मौके पर पहुंचा। अमला आगे की कार्रवाई में जुट गया है। लोगों का कहना है वन विभाग की ढील के चलते वन क्षेत्र में शिकारी सक्रिय हो गए हैं। उनके द्वारा वन्य प्राणियों की हत्या करके उनके अंगों की तस्करी की जा रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक आज छाल रेंज के बेहरामार में एक दंतैल का शव देखा गया। इसके बाद मामले की जानकारी विभागीय अमले को लगी। बताया जा रहा है की रात में हाथी कटहल खाने को गांव के करीब पहुंच रहे थे। मामले की जानकारी मिलते ही धरमजयगढ़ डीएफओ सहित वन अमला मौके पर पहुंच गया और आगे की जांच में जुट गया। हाथी के मौत का कारण उक्त पंक्ति के लिखे जाने तक अज्ञात बताया जा रहा है। फिलहाल यह गणेश हाथी के होने की भी पुष्टि अभी विभाग नही कर रहा है।


