सहारा इंडिया में छत्तीसगढ़ का 600 करोड़ रुपए निवेश, मेच्योरटी के बाद भुगतान न करने से दीवाली होगी फीकी - NEWSSEARCH

(पूरी हकीकत)

BREAKING NEWS

''कलेक्टर ने किया श्रमजीवी पत्रकार संघ के कैलेंडर का विमोचन''

सहारा इंडिया में छत्तीसगढ़ का 600 करोड़ रुपए निवेश, मेच्योरटी के बाद भुगतान न करने से दीवाली होगी फीकी

मेच्योरिटी के बाद भी रुपए वापस न करने से एजेंटों से आए दिन लोगों की हो रही मारपीट 

न्यूज़ सर्च@रायपुर. सहारा इंडिया कंपनी की अलग-अलग स्कीमों में राज्य का 600 करोड़ रुपए डूबने के कगार पर खड़ा है। यहां हालत यह है कि लोगों द्वारा निवेश किए गए धन की मेच्योरिटी का समय पूरा हो जाने एक से दो साल बाद भी उनका पैसा नहीं लौटाया जा रहा है। कंपनी के अधिकारी एजेंटों पर दबाव बना रहे हैं कि वह उनके मेच्योरिटी के पैसे को दूसरे प्लान में लगा दें, लेकिन लोग अपना पैसा मांगने के लिए अड़े हुए हैं। ऐसे में निवेशकों की सहारा के एजेंट से मारपीट भी हो रही है। एजेंटी भी अब निवेशकर्ताओं के साथ हो चुके हैं और उन्होंने सहारा के कार्यालय का घेराव कर एसपी कलेक्टर के पास शिकायत करनी भी शुरू कर दी है। हालत यह है कि पुलिस व जिला प्रशासन के दबाव के बाद भी सहारा लोगों की जमापूंजी लौटाने को तैयार नहीं है। हालत यह है कि यदि लोगों को जल्द भुगतान नहीं हुआ तो कई घरों में दिवाली के दिन दिए तक नहीं जलेंगे।
सहारा इंडिया देश भर के अलग-अलग राज्यों में नए-नए प्लान लेकर आए थे। इसमें रोजाना पैसे जमा करने से लेकर मंथली और फिक्स सहित कई अन्य स्कीम थीं। सहारा लोगों को पंजीकृति राष्ट्रीय बैंकों से भी अधिक ब्याज दे रही थी। लोगों ने भी उस पर भरोसा करके खुलकर निवेश किया। वर्तमान में अकेले छत्तीसगढ़ राज्य का लगभग 600 करोड़ रुपए निवेश हो चुका है और उसमें 400 करोड़ रुपए करीब मेच्योरिटी के बाद लोगों को भुगतान करना है। राजधानी में ही सैकड़ों एजेंट ने लोगों के पैसे जमा कराए थे, लेकिन समय पूरा होने के एक से दो साल बाद भी उनका पैसा नहीं दिया जा रहै है। ऐसे में लोग एजेंट के साथ मारपीट कर आए दिन गाली गलौज और जान से मारने तक की धमकी दे रहे हैं। एजेंट भी इतने डरे हुए हैं कि वह भुगतान समय पर करने को लेकर पुलिस व सहारा इंडिया के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं।

सीएम से लेकर एसपी तक पहुंची है शिकायत
सहारा इंडिया में लोगों के जमा करोड़ों रुपए न मिलने के बाद रायपुर के एजेंटों ने जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक से मामले की शिकायत की है, तो वहीं सभी जिलों के एसपी व कलेक्टर के पास भी लिखित शिकायत दी जा चुकी है। इतना सब हो जाने के बाद भी सहारा के अधिकारी इतने ताकतवर हैं कि वह धड़ल्ले से अपना ऑफिस खोलकर रखे हुए हैं और मोटी तनख्वाह लेकर महंगी गाडिय़ों में घूम रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश का भी उन पर कोई असर नहीं हो रहा है।

वर्जन-
मैंने सराहा इंडिया के लिए काम करके लोगों की डेढ़ करोड़ से अधिक रकम जमा कराई है। मेच्योरिटी के बाद उनका पैसा न लौटाकर दूसरे स्कीम में जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। लखनऊ में बैठे टेरेटरी प्रमुख वीके वर्मा का कहना है कि लोग चाहे तो एजेंटों को गोली मार दें, लेकिन वह भुगतान नहीं करेंगे। हमने मुख्यमंत्री व पुलिस विभग से गुहार लगाई है। भुगतान करने के निर्देश देने के बाद भी सहारा के अधिकारी भुगतान के लिए तैयार नहीं हैं।
लक्ष्मीकांत उपाध्याय, सहारा प्रतिनिधि, डीडी नगर


वर्जन-
मैंने लोगों का जो निवेश कराया है उसमें 50 लाख रुपए का भुगतान करना है। दीपावली का त्यौहार सिर पर है। लोग आए दिन हमसे झगड़ा कर रहे हैं। हम जब भुगतान करने को लेकर सहारा के रायपुर कार्यालय जाते हैं तो मेन ब्रांच से रकम न आने की बात कही जाती है। इसके बाद फोन बंद कर लिया जाता है। अब तो हमें यह तक डर सता रहा है कि इसे लेकर हमारे साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए।
 - दीपक जोशी, सहारा प्रतिनिधि, डीडी नगर


वर्जन-
मैंने सहारा में लोगों का लगभग तीन से साढ़े तीन करोड़ रुपए निवेश कराया है। कंपनी के लोगों का कहना है कि दो लाख में 50 हजार दे दो और डेढ़ लाख फिर से निवेश करवा दो। कंपनी एफडी कराने को लेकर दबाव बना रही है। निवेश करने वाले आए दिन मारपीटाई करने पर उतारू हो चुके हैं। हालत यह है कि अब उस एरिया में जाने से डर लगने लगा है जहां पर लोगों का पैसा जमा कराया गया है। कई बार लोग गाड़ी तक छीन चुके हैं। जान से मारने की धमकी देते हैं। शासन प्रसासन को इस पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो कोई बड़ी अनहोनी हो जाएगी।
- रवींद्र परमान, सहारा प्रतिनिधि

वर्जन-
मैंने सहारा में लोगों का दो करोड़ रुपए निवेश कराया है। भुगतान नहीं किया जा रहा है। कहा जाता है कि फंड आएगा तो भुगतान करेंगे। कई बार कार्यालय में तालाबंदी व विरोध जताया, लेकिन आरएम और एरिया चीफ गोलमोल जवाब देकर गायब हो जाते हैं। लोगों का इतना दबाव है हमारे ऊपर कि वह लोग सुबह से शाम तक घर पहुंचते हैं। स्थिति यह हो गई कि अब घर में परिवार के साथ रहना मुश्किल हो रहा है।
-महेश बाधवानी, सहारा प्रतिनिधि, लाखे नगर

वर्जन-
यह फाइनेंसियल मामला है। पीडि़त मह दस्तावेज हमारे पास
शिकायत लेकर आए। मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -प्रफुल्ल ठाकुर, एएसपी, रायपुर.

वर्जन-
कुछ कारणों लोगों को समय पर पैसा नहीं मिल पाया यह बात सही है। सभी का भुगतान होगा। दो से तीन दिन के भीतर सभी मेच्योरिटी धारकों को पैसा मिल जाएगा।
वीके वर्मा, जोनल चीफ, सहारा इंडिया

Pages