न्यूज सर्च@रायपुर. छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। योजना के अंतर्गत इलाज कर अधिक से अधिक पैसा कमाने की लालच में डॉक्टर नियम कायदों को ताक में रखकर काम कर रहे हैं। वह लोग हॉस्पिटल की क्षमता से अधिक संख्या में मरीजों को भर्ती कर रहे हैं। हालत यह है कि आंख का ऑपरेशन कराने आए गंभीर मरीजों को संक्रमण के बीच जमीन पर ग²े डालकर लिटाया जा रहा है। राजधानी के पुराना धमतरी रोड स्थित दिव्य ज्योति नेत्र चिकित्सालय कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां एक दिन में १०-१५ मरीज ही भर्ती करने की क्षमता है, लेकिन जब अधिक संख्या मरीज भर्ती किए जाने लगे तो खुद इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारियों ने यहां का मुआयना किया। इसमें पता चला कि डॉक्टर ने बेड के अलावा कई मरीजों को जमीन पर लिटाया हुआ था। इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी ने डॉक्टर को इसके लिए नोटिस भी जारी किया। जानकारी के मुताबिक राजधानी के पुराना धमतरी रोड में शारदा पेट्रोल पम्प के पास स्थित दिव्य ज्योति नेत्र चिकित्सालय में आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों की आंख का ऑपरेशन किया जाता है। आयुष्मान से संबद्ध होने के बाद भी अस्पताल में उनके मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां मरीजों को भर्ती करने वाले वार्ड की हालत काफी दयनीय है। शिकायत मिलने पर जब वहां एक्सपोज की टीम हकीकत जानने पहुंची तो देखा कि कई मरीज जमीन पर लेटे हुए हैं। बेड पूरी तरह से भरे हुए थे। बेड सहित जमीन पर बिछाए गए बिस्तर एक दूसरे से जुड़े हुए थे, जबकि इनके बीच कम से तीन फिट का गैप होना चाहिए। कई बेड में दो-दो मरीजों को लिटाया गया था। पूछने पर मरीजों ने बताया कि वह लोग आंख का ऑपरेशन कराने आए हैं। उनका इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत किया जा रहा है। मरीज विष्णुराम, सुभाष ठाकुर और हीरा बाई ने बताया कि उन्होंने बेड की मांग की थी, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि स्कीम के तहत इलाज करने में उन्हें इतना कम पैसा मिलता है कि उतने में यही सुविधा दी जा सकती है।
जल्द इंफेक्शन फैलने का रहता है खतरा
नेत्र रोग चिकित्सकों की माने तो आंख मानव शरीर का सबसे नाजुक अंग माना जाता है। इसका ऑपरेशन करने में सबसे अधिक सावधानी बरतनी होती है, जिससे की मरीज को किसी प्रकार का संक्रमण न हो। लापरवाही होने पर मरीज की आंख हमेशा के लिए खराब भी हो सकती है। इसके बाद भी राजधानी में संचालित कई नेत्र चिकित्सालयों में मानकों को ताक में रखकर इलाज किया जा रहा है।
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आयुष्मान योजना से इलाज में होता है इस तरह का खेल
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज दिया जाता है। यह इलाज किसी भी शासकीय या संबंद्ध प्राइवेट अस्पताल में होता है। इस श्रेणी में अधिकतर वही मरीज आते हैं जो अधिक जागरूक नहीं होते हैं। इसका फायदा उठाकर डॉक्टर उपचार की जगह सीधे ऑपरेशन करते हैं, जिससे कि उन्हें योजना के तहत अधिक से अधिक राशि मिल सके। कई बार तो दूसरा इलाज करके दूसरा इलाज भी दिखा दिया जाता है या फिर मरीज से इलाज का खर्च लेकर उसके कार्ड से भी पैसा काट दिया जाता है।
भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल में 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार
https://www.newssearch.in/2019/10/9-9.html#.Xaf6yc5TE84.whatsapp
ऐसे मामलों में कार्यवाही क्यों नहीं?
अस्पताल में भर्ती मरीज व उनके परिजनों का कहना था कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ शासन प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं करता है? उन्होंने आशंका भी जताई कि निश्चित रूप से इस पूरे खेल में एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है। इसमें सरकार का अमला मिला हुआ है और उनकी सह पर ही पूरा खेल हो रहा है। ऐसा नहीं होता स्वास्थ्य विभाग तत्काल जांच कर इनकी संबद्धता समाप्त करने के साथ ही इन पर कार्रवाई करता।
12 सालों बाद अंतरिक्ष में जन्म लेगा इंसान
https://www.newssearch.in/2019/10/12.html#.Xaf5ZqPdbXU.whatsapp
अस्पताल संचालक डॉ. दिनेश श्रेय से सीधी बातचीत
सवाल- आपका अस्पताल आयुष्मान से संबद्ध है।
जवाब- जी हां हम आयुष्मान योजना के तहत इलाज की सुविधा देते हैं।
सवाल- अस्पताल में योजना के मानकों का पालन नहीं हो रहा है क्यों?
जवाब- अस्पताल में सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। उसी के कारण हमें मान्यता मिली है।
सवाल- आप क्षमता से अधिक संख्या में मरीजों को भर्ती करते हैं।
जवाब- ये आरोप गलत है। हम क्षमता से अधिक मरीज नहीं लेते हैं।
सवाल- आंख के ऑपरेशन के लिए पहुंचे मरीजों को जमीन पर लिटाया जा रहा है।
जवाब- ये गलत है। जो मरीज जमीन पर लेटे उनके आंख में दवा डालकर लिटाया गया था। किसी का भी ऑपरेशन नहीं हुआ है।
सवाल- इससे इनफेक्शन का खतरा रहता है। आंख की रोशनी भी जा सकती है।
जवाब- इंश्योरेंस कंपनी से हमें इसे लेकर नोटिस आया था, उसका जवाब भीदिया जा चुका है। ऐसा कुछ भी नहीं है।
देखिए किस तरह ढोल ताशे बजाकर नाचे मंत्री लखमा
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सवाल- अस्पताल में योजना के मानकों का पालन नहीं हो रहा है क्यों?
जवाब- अस्पताल में सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। उसी के कारण हमें मान्यता मिली है।
सवाल- आप क्षमता से अधिक संख्या में मरीजों को भर्ती करते हैं।
जवाब- ये आरोप गलत है। हम क्षमता से अधिक मरीज नहीं लेते हैं।
सवाल- आंख के ऑपरेशन के लिए पहुंचे मरीजों को जमीन पर लिटाया जा रहा है।
जवाब- ये गलत है। जो मरीज जमीन पर लेटे उनके आंख में दवा डालकर लिटाया गया था। किसी का भी ऑपरेशन नहीं हुआ है।
सवाल- इससे इनफेक्शन का खतरा रहता है। आंख की रोशनी भी जा सकती है।
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