Chhattisgarh number 1 in drinking alcohol
रायपुर. छत्तीसगढ़ में भले ही भूपेश सरकार शराब बंदी का दावा कर रही हो, लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में आज भी सबसे अधिक शराब की खपत यहीं है। शराब पीने के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर त्रिपुरा और तीसरे नंबर पर पंजाब राज्य का नाम आता है। छत्तीसगढ़ में शराब से कमाई की बात करें तो यह आबादी में अपने से चार गुना बड़े महाराष्ट्र राज्य से भी दोगुनी कमाई कर रहा है। यहां हर साल 4700 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिक जाती है। ऐसे में राज्य सरकार भला इतने बड़े राजस्व का घाटा क्यों सहेगी?
छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी आखिर कब लागू कर पाएगी, इसको लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं दिख रही हैु। कांग्रेस सरकार की शराब बंदी को लेकर रणनीति तैयार करने के बाद भी सूबे के लोग सबसे अधिक शराब पीने में जुटे हुए हैं। आबकारी मंत्री तो शराब को पाचन की दवा तक बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 100 में से 35 लोग शराब पीने के आदी हैं। यह आंकड़ा दूसरे राज्यों से काफी अधिक है।
रायपुर. छत्तीसगढ़ में भले ही भूपेश सरकार शराब बंदी का दावा कर रही हो, लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में आज भी सबसे अधिक शराब की खपत यहीं है। शराब पीने के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर त्रिपुरा और तीसरे नंबर पर पंजाब राज्य का नाम आता है। छत्तीसगढ़ में शराब से कमाई की बात करें तो यह आबादी में अपने से चार गुना बड़े महाराष्ट्र राज्य से भी दोगुनी कमाई कर रहा है। यहां हर साल 4700 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिक जाती है। ऐसे में राज्य सरकार भला इतने बड़े राजस्व का घाटा क्यों सहेगी?
छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी आखिर कब लागू कर पाएगी, इसको लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं दिख रही हैु। कांग्रेस सरकार की शराब बंदी को लेकर रणनीति तैयार करने के बाद भी सूबे के लोग सबसे अधिक शराब पीने में जुटे हुए हैं। आबकारी मंत्री तो शराब को पाचन की दवा तक बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 100 में से 35 लोग शराब पीने के आदी हैं। यह आंकड़ा दूसरे राज्यों से काफी अधिक है।



