निशुल्क नल जल योजना के नाम पर ठेकेदार ने गरीबों से ऐंठे पैसे तो इस महिला नेत्री ने किया विरोध - NEWSSEARCH

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निशुल्क नल जल योजना के नाम पर ठेकेदार ने गरीबों से ऐंठे पैसे तो इस महिला नेत्री ने किया विरोध

रायपुर. परिसीमन के बाद वार्ड 56 कहलाने वाले अरविंद दीक्षित वार्ड में गरीब बस्तियों में निशुल्क नल कनेक्शन का पैसा वसूला गया है। यह शिकायत केवल अकेले इसी वार्ड में नहीं बल्कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में है। लोग इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हैं वह मामले को दबा देते हैं। वार्ड 56 में यह मामला तब सामने आया जब पत्रिका की टीम वार्ड परिक्रमा करने यहां पहुंची। लोगों ने बताया कि नल कनेक्शन करने के लिए ठेकेदार ने उनसे 12 हजार रुपए से लेकर 1500 रुपए तक मांगे। कई लोगों से पैसे ले भी लिए गए, बाद में विरोध होने पर ठेकेदार ने आधी अधूरी रकम लौटाई।
 जानकारी के मुताबिक वार्ड 56 के अंतर्गत आने वाले सर्वोदय नगर में लोग काफी समय पानी की समस्या से परेशान थे। नगर निगम ने यहां अजेय नल जल योजना के तहत निशुल्क नल कनेक्शन करने के लिए नल ठेकेदार राम लखन साहू को यह जिम्मेदारी थी। ठेकेदार को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि किसी भी कनेक्शन का शुल्क नहीं लेना है। इसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार ने मोहल्ले के पात्र लोगों संपर्क किया उनसे घर के बाहर नल कनेक्शन देने के लिए 1500 और घर के अंदर कनेक्शन देने के लिए 12 हजार रुपए की मांग की। उसने 28 लोगों से 1500 और तीन लोगों 12000 रुपए ले भी लिया था। इसी दौरान यहां के लोगों ने समाजसेविका व कांग्रेस नेत्री  नीना यूसुफ इसकी शिकायत की। उन्होंने ठेकेदार को बुलाकर पूछा तो उसने नल लगाने में हुए खर्च और मेहनत का पैसा लेना बताया। इस पर समाजसेविका ने इसकी शिकायत निगम कमिश्रर से करने की बात कहकर ठेकेदार से भी लोगों के पैसे लौटवाए। इतने के बाद भी ठेकेदार ने सभी लोगों से 300-300 रुपए काटकर रकम वापस किया। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार पहले भी ऐसा करता आया है। मामले की जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।

वर्जन-
यदि कोई ठेकेदार ऐसा करता है तो यह गलत। निगम सभी ठेकेदारों को तय राशि का भुगतान करता है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
-विनय मिश्रा, कमिश्नर, नगर निगम जोन क्रमांक-6

वर्जन-
मेरे द्वारा जो राशि ली गई थी उसे लोगों को वापस कर दिया गया है। 300-300 रुपए नहीं लौटाया गया, क्योंकि नल लगाने में हमारा भी खर्च होता है। वह तो लोगों से लेना ही पड़ेगा। इसकी कोई भी रसीद नहीं दी जाती है।
-राम लखन साहू, नल ठेकेदार

वर्जन-
सर्वोदय नगर के लोगों ने मुझसे इसकी शिकायत की थी। इसके बाद जब मैं मोहल्ले पहुंची तो पाया कि करीब 28-30 लोगों से नल ठेकेदार ने अवैध वसूली की है। जब मैंने उसे बुलाकर पैसे वापस करने को कहा तो वह इसके लिए तैयार ही नहीं था। काफी दबाव के बाद उसने 300 रुपए काटकर सभी के पैसे वापस किए। निशुल्क योजना का लाभ देने के लिए ऐसा किया जाना नियम के विरुद्ध है।
- नीना यूसुफ, कांग्रेस नेत्री

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