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विधानसभा ब्रेकिंग़- बस्तर में गुड़ सप्लाई के टेंडर में अनियमितता का मामला सदन में गूंजा


ध्यानाकर्षण के जरिये डॉक्टर रमन सिंह, धरमलाल कौशिक और अजय चन्द्राकर ने उठाया मामला

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के बयान से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वाकआउट

रायपुर. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को बस्तर में गुड़ सप्लाई को लेकर हुए टेंडर घोटाले का मामला सदन में जमकर गूंजा। ध्यानाकर्षण के जरिये डॉक्टर रमन सिंह, नेता प्रितपक्ष धरमलाल कौशिक और अजय चन्द्राकर ने इस मामले को उठाया।इसका जवाब देते हुए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बार-बार इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। इससे उनके बयान से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार अक्टूबर को नेफेड ने एनओसी जारी की। छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के जरिये सप्लाई की जाएगी। नेफेड के माध्यम से 106 करोड़ का नुकसान राज्य सरकार को होगा। किन ठेकेदारों से गुड़ की खरीदी की जानी है। इसकी जानकारी भी अधिकारियों को भेज दी गई है। गन्ना का रकबा पांच हजार हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश के बाहर से गुड़ आने से राज्य के उत्पादकों को नुकसान होगा।
इसके जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि, नेफेड के माध्यम से गुड़ की खरीदी हो रही है। 14 अक्टूबर 2019 को खरीदी की अनुमति दी गई है। 5 नवम्बर को नेफेड ने खरीदी के लिए अनुबंध निर्धारित की है। ये अनिवार्य शर्त रखी गई है कि छत्तीसगढ़ के उत्पादकों से ही गुड़ की खरीदी की जाएगी। 23 नवम्बर 2019 को नागरिक आपूर्ति निगम ने नेफेड को प्रतिस्पर्द्धी दर पर खरीदी करने के लिए कहा गया है।  नेफेड को गुड़ खरीदी की निविदा प्रक्रिया के लिए कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

डॉक्टर रमन सिंह ने उठाए यह सवाल

1- मंत्री ने कहा है कि स्थानीय उत्पादकों से गुड़ लिया जाएगा, लेकिन इस प्रक्रिया में कौन क्वालीफाई कर सकेगा इसके लिए क्या शर्त रखी गई है?
2- कवर्धा जिले में ही 4 सौ से ज्यादा उत्पादक है. सबसे बेस्ट क्वालिटी का गुड़ कवर्धा में है. आज वहां खुले में गुड़ मिल रहा है।
3- क्या जिस व्यक्ति को सप्लाई का काम दिया गया है वह आटोमोबाइल का काम करता है?

मंत्री ने यह दिया जवाब

मंत्री ने अपने जवाब में कहा है कि हमने नेफेड के जरिये ही खरीदी का निर्णय लिया है. आपने भी अपने कार्यकाल के दौरान नेफेड के जरिय चना खरीदी का निर्णय लिया था। नेफेड के जरिये हमने गुड़ खरीदी करना इसलिए तय किया क्योंकि नेफेड एसएफआई की गुणवत्ता के अनुरूप खरीदी करता है।  टेंडर किसी को भी मिले लेकिन गुड़ की खरीदी राज्य के उत्पादकों से ही की जाएगी। इसे मैं आश्वस्त करता हूँ। कई कंपनियों ने इस टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया है।

डॉक्टर रमन सिंह ने उठाए यह सवाल

डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि अभी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है लेकिन मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री की तस्वीरे लगे बैग छपवा दिए गए। पूरा छत्तीसगढ़ जानता है कि आटोमोबाइल का काम करने वाले व्यक्ति को यह काम दिया जा रहा है। क्या वह गुड़ में डीजल डालकर बेचेगा। नागरिक आपूर्ति निगम को सीधे ठेकेदार का नाम दिया गया है। क्या इस ठेके को रद्द करेंगे, जिसमें पहले ही दिन से सवाल खड़े हो रहे हैं?

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने यह दिया जवाब-

 इस टेंडर को हम निरस्त नहीं कर सकते, केंद्र की एजेंसी से हम खरीदी कर रहे हैं। पहले भी ऐसा होता रहा है।

डॉक्टर रमन सिंह ने उठाए यह सवाल

डॉक्टर रमन सिंह ने पूछा नेफेड प्रोसेसिंग चार्ज कितना लेता है? अतिरिक्त पैसा क्यों जा रहा है? स्थानीय स्तर पर नागरिक आपूर्ति निगम से सीधे खरीदी हो सकती थी?

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने यह दिया जवाब-

प्रधानमंत्री सुन लेंगे तो आप पर नाराज होंगे। टेंडर में गुजरात के लोगों ने भी हिस्सा लिया है।

डॉक्टर रमन सिंह ने ने इस बात पर किया विरोध

डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि ये उचित नहीं है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में बार-बार इन तरह से प्रधानमंत्री का नाम लिया जाए। ये सदन है, सड़क पर हो रही सभा नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने उठाए यह सवाल

- जो दर कोट की गई, उसका आधार क्या है? क्या जिसे सप्लाई का काम दिया गया, उसे इसका अनुभव है? अनुभवहीन व्यक्ति को काम देने से कैसी स्थिति बनेगी? क्या इसे रद्द किया जाएगा?

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने यह दिया जवाब-

मंत्री भगत ने कहा कि आप लोगों को जितना ठेकेदारों ने समझाया है, उतना आप लोग यहां बोल रहे हैं। कौन क्या छपवाया इससे हमे कोई मतलब नहीं है? हमने अनुबंध नेफेड से किया है, जो केंद्र सरकार की एजेंसी है। नागरिक आपूर्ति निगम का पिछला अनुभव हम दोहराना नहीं चाहते। अच्छी क्वालिटी का गुड़ हम देंगे ये तय है।

अजय चन्द्राकर ने उठाए यह सवाल

अजय चन्द्राकर ने पूछा कि नेफेड ने जो रेट कोट किया है, किस क्वालिटी की गुड़ की अनुशंसा की गई है? खुले बाजार में उस किस्म के गुड़ की दर क्या है? नेफेड के एमडी का एक बयान छपा कि सरकार ने मुझे ठेकेदार का नाम पहले से दिया है। क्या यह बयान गलत है तो सरकार की छवि खराब करने एमडी के खिलाफ कार्रवाई करेगी क्या? नेफेड का एमडी यदि सरकार की छवि खराब करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने यह दिया जवाब-

अमरजीत भगत ने कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसी के एमडी हैं तो हम कैसे कार्रवाई कर सकते हैं। गुणवत्ता का मापदंड केंद्र की एजेंसी तय करती है। इस आधार पर सप्लाई करते हैं. नेफेड के एमडी ने ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है, जिसका जिक्र किया जा रहा है।

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