8वीं पास किसान ने तैयार किया 200 प्रकार के बैगन बीज - NEWSSEARCH

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8वीं पास किसान ने तैयार किया 200 प्रकार के बैगन बीज

न्यूज सर्च@कवर्धा:- कहते हैं यदि कोई इंसान कुछ करने ठान ले तो योग्यता भी उसके आड़े नहीं आती। ऐसा ही कुछ कर रहे हैं कवर्धा ब्लॉक के कोको ग्राम निवासी किसान शिवकुमार चंद्रवंशी। चंद्रवंशी यूं तो मात्र 8वीं तक ही पढ़ें हैं, लेकिन उन्होंने बैगन के 200 प्रकार के बीच तैयार करके सभी को चौंका दिया है। जो काम इस किसान ने कर दिखाया है वह कृषि वैज्ञानिकों के लिए भी  किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
किसान शिवकुमार की माने तो लोग हाईब्रीड फसल से आमदनी लेेने के चलते अपनी  देशी फसल को भूलते जा रहे हैं। कई देशी फसल विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं। उसे बचाने के लिए प्रयास करना बहुत जरूरी है। कोको निवासी किसान शिवकुमार चंद्रवंशी ने देशी बैगन को संरक्षित करने का बीड़ा उठाया है। छत्तीसगढ़ में वह एकलौते ऐसे किसान हैं जो देशी बैगन के बीज का संरक्षण कर रहे हैं। वह पिछले २५ सालों से यह प्रयास करते आ रहे हैं। उन्होंने अपने घर की बाड़ी में देशी बैगन लगाकर उसकी नई-नई प्रजाति तैयार की है। अब तक वह 200 प्रकार के देशी बैगन की विभिन्न प्रजाति तैयार कर चुके हैं। इन बीजों को भारत सरकार संरक्षित कर सके इसकेलिए सभी बीजों को किसान ने कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली भेजा है।

अलग-अलग प्रकार के हैं बैगन
जो बीच किसान ने तैयार की है उसमें सफेद, हरा और जामुनी रंग के तो बैगन हैं ही साथ ही इन सभी रंगों से मिलेजुले बैगन दिख रहे हैं। काला, सफेद-जामुनी, कई प्रकार के धारीदार, हल्का गुलाबी, गहरा जामुनी, कोई बैगन एक फीट लंबा तो कोई आधा किलो से अधिक वजनी। कोई बैगन सेब आकार में तो कोई अंडा आकार का। मतलब हर किस्म के बैगन दिखाई देंगे।
बैगन को खुद का दिया नाम
बीज तैयार करने के साथ ही उनकी पहचान और खासियत क्या है यह भी पता होना चाहिए। इसके लिए सभी बैगन को नाम दिया गया है। एसकेटी-1 से 200 नंबर तक देशी बैगन की विभिन्न प्रजाति को नाम दिया गया है। ताकि इसकी वैरायटी और बैगन की खासियत को बताया जा सके। इसके साथ ही इस वैरायटी को कोई और ही अपने नाम न कर लें। वहीं एसकेटी का पूरा अर्थ शिव कुमार तातूराम है।

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