धान खरीदी साफ्टवेयर में लिमिट से किसान नही बेच पाएंगे पूरा धान - NEWSSEARCH

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धान खरीदी साफ्टवेयर में लिमिट से किसान नही बेच पाएंगे पूरा धान


किसान संघ एसडीएम को ज्ञापन सौपेगा आज

न्यूज सर्च@सारंगढ़ :- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी को नियंत्रित करने सोसायटी साफ्टवेयर में लिमिट निर्धारित कर दिये जाने से किसानों का पूरा धान समिति में नही बिक रहा है वहीं समितियों द्वारा साफ्टवेयर के आधार पर टोकन जारी किया जा रहा है जिससे किसान अपने रोस्टर में भी धान बेचने से वंचित हो रहे हैं प्रशानिक अधिकारी सहकारी समिति कर्मचारियों को दबाव बनाकर कम धान खरीदी करने का मौखिक निर्देश दे रहें है जिसकी वजह से प्रबंधक किसानों को टोकन तक जारी न कर खरीदी प्रभावित कर रहे हैं जिसका ताजा उदाहरण रायगढ़ जिले के 123 खरीदी केंद्रों में से केवल 102 केन्द्र में ही टोकन जारी किया गया है शेष 21 केन्द्र में एक भी किसान को टोकन जारी नही किया गया है जिससे सोमवार को इन खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी नही हो पायेगी।

समितियों में घटाया प्रतिदिन धान खरीदी की मात्रा

सेवा सहकारी समिति के धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी करने प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर चार पांच गांव का रोस्टर बनाकर पंजीकृत रकबा के आधार 3 हजार बोरी औसत प्रतिदिन किसानों का धान खरीदी किये जाने की प्रबंधकों ने व्यवस्था बनाया था जो अब धान खरीदी साफ्टवेयर में मात्रा को लगभग 550 क्विंटल प्रतिदिन सरकार द्वारा घटा दी गई है इसी वजह से अधिकारी प्रबंधकों मौखिक रूप से टोकन जारी करने से मना कर रहे हैं ताकि किसानों के बीच असंतोष न भड़के लेकिन प्रबंधक किसानों का सामना करने से पीछे हटकर उप पंजीयक को धान खरीदी से पृथक कर नोडल अधिकारी या अन्य कर्मचारियों से धान खरीदी कराने एवं सोमवार से धान नही करने का ज्ञापन 7 दिसंबर को दिया गया है जिसकी वास्तविकता आज नजर आ जायेगी।

मौखिक आदेश बन रही किसानों की मुशीबत

धान खरीदी में एक ओर साफ्टवेयर ने किसानों की समस्या बढ़ाया है वहीं अधिकारियों के एक बार में 1 किसान को 50 क्विंटल धान अधिकतम 5 बार बेचने की मौखिक आदेश दिये जाने की बात दबी जुबान से प्रबंधक कर रहे हैं साथ ही निर्देशों का पालन नही करने पर लापरवाही मिलने से सीधे जेल भेजने तक कि धमकी मिलने से भयभीत प्रबंधक किसानों को टोकन जारी नही कर रहे हैं जिसका ताजा प्रमाण कनकबीरा प्रबंधक निराकार पटेल द्वारा मीडिया के द्वारा किसानों को टोकन जारी नही किये जाने के सवाल का जवाब देते हुए उप पंजीयक द्वारा टोकन जारी नही करने के मौखिक आदेश का पालन किया जाना बताया इससे स्पष्ट होता है किसानों को परेशान करने की योजना अधिकारी ही सरकार के दबाव में बना रहे हैं।

समस्या नही सुलझी तो आंदोलन का राह थामेंगे किसान

धान की खरीदी उपार्जन केन्द्रो मे 1 से 5 दिसंबर तक किसी भी प्रकार की कोई समस्या नही थी अचानक शुक्रवार को साफ्टवेयर में लिमिट निर्धारित कर लॉक कर दिया गया तब से किसानों की समस्या बढ़ी हुई है किसानों के लिये नये नये नियम बनाये जा रहे हैं बिना नम्बर के ट्रेक्टर व ट्रक में धान परिवहन होने पर खरीदी नही करना , पीडीएस दुकान की बारदाने में खरीदी नही करना ,गेट में किसान का वाहन के साथ ऋण पुस्तिका के साथ फोटो खींचना, धान की ढेरी के साथ फ़ोटो खींचना,कृषि प्रयोजन वाले ट्रेक्टर पर व्यावसायिक उपयोग कर कार्यवाही के निर्देश परिवहन विभाग द्वारा जारी किया गया है जिससे किसान भारी परेशान हो चुके हैं रविवार को दोपहर 3 बजे कनकबीरा स्थित धान उपार्जन केन्द्र मे अमझर सालर कनकबीरा सहित अन्य क्षेत्र के कृषको ने एक बैठक आयोजित कर तहसीलदार अरुण सोम को अपनी समस्याओं बता कर निराकरण हेतु अवगत कराते हुये कहा कि कनकबीरा उपार्जन केन्द्र मे प्रतिदिन 3360 कट्टा धान की खरीदी होगी तभी हम पूरा धान यहां बेच पायेंगे खरीदी को 940 क्विंटल प्रतिदिन लिमीट कर दिया गया है जिससे महज तेईस सौ 50 कट्टा धान की खरीदी संपन्न हो रही है,वहीं किसानों की धान आवक टोकन जारी करने के बाद भी तौल नही किये जाने की शिकायत की जिस पर तहसीलदार ने किसानों के बीच समिति प्रबंधक निराकार पटेल को तलब कर समस्याओं की जानकारी लेकर कारण जाना जिस पर पर प्रबंधक ने कहा कि बाईस सौ तेईस सौ कट्टा का ही टारगेट प्रशासन की साफ्टवेयर ले रही है उसके बाद साफ्टवेयर बंद हो जा रहा है। प्रबंधक ने यह भी बताया कि उच्चाधिकारियो की मौखिक आदेश का हवाला दिया। तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन देते हुये कहा कि उक्त सभी समस्याओ का शीघ्र निराकरण करने उच्चाधिकारियो को अवगत कराऊंगा जल्द ही समाधान की जायेगी।

सीधी बात (डीआर श्रीमती शिल्पा अग्रवाल)

सवाल -1: किसानों को कितने बार एवं कितनी मात्रा में धान बेचना है?

जवाब- 15 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित है एक बार मे कितना धान बेचना है ऐसा कोई नियम नही है।

सवाल-2: धान खरीदी सोसायटी मॉड्यूल साफ्टवेयर में लिमिट किया गया है?

जवाब- अलग अलग सोसायटीयों में खरीदी के आधार पर निर्धारित है।

सवाल-3: कनकबीरा समिति में शुक्रवार को 980 क्विंटल धान खरीदी हुई ऐसा क्यों?

जवाब- ये राज्य शासन का मामला है इसमें हमारा कोई निर्देश नही है।

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