धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर रायगढ़ जिला भाजपा ने दिया धरना
न्यूज सर्च@रायगढ़:- आज रायगढ़ जिला भाजपा द्वारा ग्राम कोड़ातराई में अन्नदाता किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक व युवा नेता ओ पी चौधरी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए वादाखिलाफी का करने का आरोप लगाया है भाजपा ने कहा कि कांग्रेस किसानों से बड़े-बड़े वादे करके प्रदेश में सत्तासीन हुई है। उन वादों में 2500 रुपये में 15 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी, 2 वर्ष का बकाया बोनस भुगतान, सभी किसानों की पूरी तरह से कर्जमाफी एवं बिजली बिल समेत अन्य वादे शामिल थे। ये सारे वादे गंगाजल हाथ में लेकर किये गए थे। अब बड़े ही अफसोस की बात है कि मुख्यमंत्री ने सदन में यह घोषणा कर दी कि वे मात्र 1815 रुपये में धान खरीदेंगे। दुर्भाग्य से अपने तमाम वादों से भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार घोषित रूप से मुकर गई है। किसानों की पूरी तरह कर्ज माफी तो नही हुई और न ही उन्हें बोनस देने की कोई बात की जा रही है। इन सबसे भी गंभीर बात है, सरकार न्यूनतम 2500 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने के अपने वादे से पूरी तरह मुकर गयी है। इसके अलावा जिस तरह की अव्यवस्था और आतंक किसानों में फैलाया जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि बमुश्किल 50 लाख टन भी धान खरीदने की मंशा इस सरकार में नहीं है। जबकि जिस तरह की उपज इस बार हुई है ऐसे में एक करोड़ टन से अधिक धान खरीदे जाने की जरुरत थी।
संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लिए हुए किसी चुने हुए मुख्यमंत्री का ऐसे अपने कहे से मुकरना जनादेश का अपमान और अवहेलना तो है ही, भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में किया गया सबसे बड़ा विश्वासघात भी है। एक तो समय से माह भर विलंब के साथ धान खरीदी शुरू करने से लगातार किसान परेशान हैं, ऊपर से टोकन लेने जाने पर किसानों को मध्य जनवरी और उसके आगे का तिथि दिया जा रहा है धान खरीदी के लिए। सरकार के अपने वादे से पलट जाने से किसान काफी हतोत्साहित हैं। वे बुरी तरह ठगे हुये महसूस कर रहे हैं। पिछले दिनों भाजपा ने रायगढ़ जिले के लगभग सभी सहकारी समितियों में यह पाया कि आधे अधूरे मन से और काफी विलंब से शुरू की गई यह खरीदी भी भारी अव्यवस्था का शिकार होकर रह गया है।
इसके अलावा धान के रकबे को गुपचुप ढंग से कम किए जाने की साजिश भी काफी गंभीर मामला है। अफसरों पर दबाए डाला जा रहा है, कर्मचारियों को जबरन धान का रकबा कम दिखाये जाने का निर्देश दिया जा रहा है जबकि पहले ही उनका पंजीयन हो गया है। बावजूद इसके रकबे को काफी कम कर धान खरीदने के अपने कर्तव्य से प्रदेश सरकार बचना चाह रही है। किसानों में आतंक पैदा करने के लिए शासन द्वारा धान को ऐसे पकड़ा जा रहा है मानो गांजा और अफीम हो। छोटे-छोटे दुकानदार जिनका काम धान के बदले घरेलू उपयोग का सामान बेचना था, वे लोग भी बुरी तरह आतंकित हैं और उन्होंने अपना सारा कारोबार समेट लिया है। किसानों का धान घर में रखा है और वे दैनिक जरूरतों का सामान, यहां तक की दवा आदि भी नहीं खरीद पा रहे हैं। अनेक जगह किसान समितियों में ताला जड़ रहे हैं तो कई जगह कर्मचारियों पर उनका आक्रोश फूट रहा है, वे उन्हें बंधक बना रहे हैं। इन सब बातों पर ध्यान देने के बजाय शासन में बैठे लोग अन्य राजनीतिक गतिविधियों में देश भर में व्यस्त हैं।
महामहिम, यही धान खरीदी भाजपा के समय में भी होती थी। पार्टी को इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार ने पूरे पंद्रह वर्ष तक धान खरीदी की व्यवस्था का सुचारू संचालन किया, किसानों के खाते में सीधे पूरे पैसे भेजने की व्यवस्था की। भाजपा की तब की सरकार ने अस्सी लाख मीट्रिक टन तक धान की खरीदी की और कहीं कोई अव्यवस्था नहीं होने दी थी। इसके अलावा खाद बीज की उपलब्धता, बिजली एवं अन्य इंतजाम व्यवस्थित रहा। भाजपा सरकार ने शून्य ब्याज दर पर ऋण देने की उपलब्धि हासिल की। महामहिम, लोकतंत्र भरोसे से ही चलता है। कांग्रेस की सरकार ने इस भरोसे को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। अतः प्रदेश की संवैधानिक मुखिया होने के नाते आप से ही भारतीय जनता पार्टी यह गुहार लगा रही है कि प्रदेश के किसानों की भरोसा बहाली के लिए कदम उठाये जाय।
आपसे सादर निवेदन है कि शासन को यह निर्देश दें कि धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था करे और किसानों का दाना-दाना धान 2500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक की दर से खरीदकर तत्काल भुगतान करे। इसके अलावा अन्य वादे की भी पूर्ति हेतु शासन को निर्देश देने की कृपा करें। रकबा कम करने के अलावा किसानों के खिलाफ की जा रही साजिशों पर भी ध्यान देकर अन्न दाताओं को न्याय दिलाने की प्रार्थना महामहिम से भाजपा करती है। इसके अलावा दो-ढाई महिना विलम्ब से शुरू हुई वास्तविक धान खरीदी के कारण धान की सुखत से हुआ नुकसान समेत उसे रखने में आये अनावश्यक खर्च की भरपाई भी शासन को करने का निर्देश देने की कृपा करेंगी उक्त धरना प्रदर्शन में रायगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, पूर्व विधायक सत्यानंद राठिया, रोशन लाल अग्रवाल, सुनीति राठिया, केराबाई मनहर, गोपाल शर्मा, जवाहर नायक, राजेश शर्मा, जगन्नाथ पाणिग्रही ,श्रीकांत सोमावार, ज्योति पटेल, मुकेश जैन, महेंद्र चौथा, बृजेश गुप्ता, आलोक सिंह,वरिष्ठ नेत्री शीला तिवारी, कमल गर्ग एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण जन मौजूद रहे।



