न्यूज़ सर्च@रायपुर. विद्युत अधिनियम 2003 में अध्यादेश लाकर कुछ बड़े परिवर्तन होने जा रहे हैं। इसके विरोध में ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के तत्वाधान में 8 जनवरी को देश भर के बिजली इंजीनियर्स विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत अभियंता संघ के अध्यक्ष इंजीनियर राजेश पाण्डेय ने बताया कि इस बारे में चर्चा करने के लिए 20 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विद्युत अभियंता संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी अभियंता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे और 8 जनवरी की शाम मुख्यालय में एक विशाल आमसभा का आयोजन करके विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि अधिनियम में बदलाव करने से न केवल बिजली सप्लाई का निजीकरण होगा, बल्कि बिजली की दरें भी महंगी हो जाएंगी। निजी घरानों के द्वारा घोटाला करने से बिजली उत्पादन के क्षेत्र में पहले ही बैंकों का ढाई लाख करोड़ रुपए फंसा हुआ है। सरकार इन निजी घरानों पर कोई कठोर कार्रवाई करने की जगह उल्टा नया बिल लाकर निजी घरानों को बिजली आपूर्ति का कार्य सौं पर रही है। इसका खामियाजा आम जनता को भोगना होगा।
इस बारे में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत अभियंता संघ के अध्यक्ष इंजीनियर राजेश पाण्डेय ने बताया कि इस बारे में चर्चा करने के लिए 20 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विद्युत अभियंता संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी अभियंता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे और 8 जनवरी की शाम मुख्यालय में एक विशाल आमसभा का आयोजन करके विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि अधिनियम में बदलाव करने से न केवल बिजली सप्लाई का निजीकरण होगा, बल्कि बिजली की दरें भी महंगी हो जाएंगी। निजी घरानों के द्वारा घोटाला करने से बिजली उत्पादन के क्षेत्र में पहले ही बैंकों का ढाई लाख करोड़ रुपए फंसा हुआ है। सरकार इन निजी घरानों पर कोई कठोर कार्रवाई करने की जगह उल्टा नया बिल लाकर निजी घरानों को बिजली आपूर्ति का कार्य सौं पर रही है। इसका खामियाजा आम जनता को भोगना होगा।


