रायगढ़ जिला के 114 केंद्रों में 718 किसान फंसे
रामकुमार@सारंगढ़:- खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के छठवें दिन एनआईसी ने धान खरीदी को नियंत्रित करने लिमिट निर्धारित कर दिया है। इसकी वजह से टोकन कटवाकर धान बेचने खरीदी केंद्र लाने वाले किसान अपना धान बेचने से वंचित हो गये हैं। इनमें से कई केंद्र में धान खरीदी जीरो रही। इससे किसानों में भारी आक्रोश है।गौरतलब है कि किसानों को अपना धान की आवक एक दिन पहले लिखाकर समिति से टोकन प्राप्त करते हैं इस नियम के तहत रायगढ़ जिले के 114 खरीदी केंद्रों में किसानों को 2027 टोकन जारी किये गये जिसमें 98637.02 क्विंटल धान की आवक हुई जिनमें से 1309 किसानों से केवल 56492.4 क्विंटल धान की खरीदी की गई जबकि 11 खरीदी केंद्रों में एक भी किसान से धान खरीदी नही की गई इस प्रकार से रायगढ़ जिले में 718 किसान टोकन मिलने के बाद भी धान बेचने के अवसर से वंचित हो गये हैं वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार द्वारा धान खरीदी को नियंत्रित करने साफ्टवेयर को निर्धारित लक्ष्य पर लॉक कर दिये जाने की जानकारी मिल रही है जिससे समिति चाहकर भी इससे अधिक खरीदी नही कर पाई उधर अधिकारी इसे साफ्टवेयर में टेक्निकल त्रुटी बताकर किसानों के कोपभाजन होने से बचते हुये नजर आये दरसअल यह सरकार द्वारा किसानों से कम धान खरीदी करने की योजना के रूप में देखा जाना चाहिए क्योंकि इससे पहले इतने सालों तक हुई खरीदी में ऐसा कभी नही हुआ कि खरीदी का लक्ष्य साफ्टवेयर के माध्यम से निर्धारित किया गया हो इसलिये यह योजना सरकार की समर्थन मूल्य में कम से कम खरीदी करने की तरकीब दिख रही है।
समिति जहां टोकन जारी कर नही हुई खरीदी
खम्हरिया 5 - 197 क्विंटलगुड़ेली 47- 1420 क्विंटल
गाताडीह/कोसीर 51- 2393.4 क्विंटल
छिंद/कटेली 26- 1639.2 क्विंटल
जरेकेला 15- 871क्विंटल
तमनार 42 - 2124 क्विंटल
धरमजयगढ़ 22- 1272 क्विंटल
नंदेली 25 - 1367.6 क्विंटल
राजपुर 11- 343 क्विंटल
लेन्ध्रा 24- 1282 क्विंटल
लोधिया 33- 1804


