नौरंगपुर, दानसरा,सालर से बीडीसी के लिए भरा नामांकन
न्यूज सर्च@रायगढ़ :-त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन घोषणा के साथ ग्रामीण राजनीति में चुनावी बिगुल बज चुकी है पंच सरपंच से लेकर बीडीसी डीडीसी बनने दावेदार सक्रिय हो गये हैं हर कोई अपने अपने तरीके से मतदाताओं को रिझाने में जुटे हुये हैं साथ ही अपने प्रतिद्वंद्वी को मान मनौव्वल का खेल भी प्रत्याशियों के बीच हो रही है
वहीं सारंगढ़ जनपद क्षेत्र की बात करें तो यहां सबसे चर्चित चेहरा लगातार तीन बार से जनपद सदस्य पद पर निर्वाचित होते आ रहे अरुण मालाकर हैं जो चौथी बार भी जनपद सदस्य के लिए मैदान में उतरे हैं लेकिन इस बार उनका क्षेत्र सालर है जिस पर कब्जा जमाने की तैयारी है जिनके परिवार से इस बार तीन-तीन सदस्य जनपद सदस्य के दौड़ में शामिल हैं
जिनमे उनकी भाभी श्रीमती मंजू मालाकार नौरंगपुर जनपद क्षेत्र क्रमांक 15 के नौरंगपुर ठाकुरदिया खर्री बड़े, मुड़ियाडीह,मुड़पार छोटे से निर्विरोध निर्वाचित होते आ रहे हैं वहीं अरुण मालाकर दानसरा क्षेत्र क्रमांक 20 के दानसरा,अमेठी, चंवरपुर,भंवरपुर से निर्विरोध चुनकर जनपद पंचायत सारंगढ़ में उपाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होते आ रहे हैं लेकिन इस बार उनकी सुरक्षित सीट पिछड़ा वर्ग महिलाओं के लिए आरक्षित है जिसकी वजह से उन्होंने दानसरा क्षेत्र की सीट पर अपनी अर्धांगिनी सरिता मालाकार को चुनावी मैदान में उतार रहे हैं
वहीं अपने लिये पटेल बहुल क्षेत्र सालर बीडीसी क्षेत्र जो सामान्य मुक्त के लिए आरक्षित है वहाँ से दावेदारी कर रहे हैं लेकिन इस बार उनके तीनों सीट में से एक भी सीट पर निर्विरोध निर्वाचित होने की उम्मीद नही दिख रही है साथ ही लोगों में एक ही परिवार का बीडीसी के तीन तीन सीट पर कब्जा किये जाने को लेकर दबे जुबान से विरोध कर रहे हैं वहीं सालर अंचल में अरुण मालाकार के कदम बढ़ाये जाने से अपने अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी समझकर पटेल समाज एवं अग्रवाल बन्धु अंचलवासी से रायसुमारी के बाद चुनावी समर में आगे बढ़ रहे हैं ज्ञातव्य की अरूण मालाकार जहां से निर्वाचित होते हैं वहां के लोगों को अपने स्वच्छ छवि एवं मिलनसारिता से दिल जीत लेते हैं और उस क्षेत्र में लम्बे समय तक टीके रहते हैं यही वजह है कि पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलने वाला मौका भी हाथ से निकलता दिख रहा है हालांकि सत्ताधारी दल के नेता होने के साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरूण मालाकार का सामना करने से पहले हर कोई सोच में पड़ जा रहा है फिर भी अब तक जो जानकारियां सामने आई है उसके आधार पर उनके तीनों बीडीसी क्षेत्र में दावेदार सामने आ रहे हैं ऐसे में मालाकार परिवार को अध्यक्ष बनने तीन सीट को अपने झोली में डालना आसान नही दिख रहा है।
न्यूज सर्च@रायगढ़ :-त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन घोषणा के साथ ग्रामीण राजनीति में चुनावी बिगुल बज चुकी है पंच सरपंच से लेकर बीडीसी डीडीसी बनने दावेदार सक्रिय हो गये हैं हर कोई अपने अपने तरीके से मतदाताओं को रिझाने में जुटे हुये हैं साथ ही अपने प्रतिद्वंद्वी को मान मनौव्वल का खेल भी प्रत्याशियों के बीच हो रही है
वहीं सारंगढ़ जनपद क्षेत्र की बात करें तो यहां सबसे चर्चित चेहरा लगातार तीन बार से जनपद सदस्य पद पर निर्वाचित होते आ रहे अरुण मालाकर हैं जो चौथी बार भी जनपद सदस्य के लिए मैदान में उतरे हैं लेकिन इस बार उनका क्षेत्र सालर है जिस पर कब्जा जमाने की तैयारी है जिनके परिवार से इस बार तीन-तीन सदस्य जनपद सदस्य के दौड़ में शामिल हैं
जिनमे उनकी भाभी श्रीमती मंजू मालाकार नौरंगपुर जनपद क्षेत्र क्रमांक 15 के नौरंगपुर ठाकुरदिया खर्री बड़े, मुड़ियाडीह,मुड़पार छोटे से निर्विरोध निर्वाचित होते आ रहे हैं वहीं अरुण मालाकर दानसरा क्षेत्र क्रमांक 20 के दानसरा,अमेठी, चंवरपुर,भंवरपुर से निर्विरोध चुनकर जनपद पंचायत सारंगढ़ में उपाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होते आ रहे हैं लेकिन इस बार उनकी सुरक्षित सीट पिछड़ा वर्ग महिलाओं के लिए आरक्षित है जिसकी वजह से उन्होंने दानसरा क्षेत्र की सीट पर अपनी अर्धांगिनी सरिता मालाकार को चुनावी मैदान में उतार रहे हैं
वहीं अपने लिये पटेल बहुल क्षेत्र सालर बीडीसी क्षेत्र जो सामान्य मुक्त के लिए आरक्षित है वहाँ से दावेदारी कर रहे हैं लेकिन इस बार उनके तीनों सीट में से एक भी सीट पर निर्विरोध निर्वाचित होने की उम्मीद नही दिख रही है साथ ही लोगों में एक ही परिवार का बीडीसी के तीन तीन सीट पर कब्जा किये जाने को लेकर दबे जुबान से विरोध कर रहे हैं वहीं सालर अंचल में अरुण मालाकार के कदम बढ़ाये जाने से अपने अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी समझकर पटेल समाज एवं अग्रवाल बन्धु अंचलवासी से रायसुमारी के बाद चुनावी समर में आगे बढ़ रहे हैं ज्ञातव्य की अरूण मालाकार जहां से निर्वाचित होते हैं वहां के लोगों को अपने स्वच्छ छवि एवं मिलनसारिता से दिल जीत लेते हैं और उस क्षेत्र में लम्बे समय तक टीके रहते हैं यही वजह है कि पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलने वाला मौका भी हाथ से निकलता दिख रहा है हालांकि सत्ताधारी दल के नेता होने के साथ ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरूण मालाकार का सामना करने से पहले हर कोई सोच में पड़ जा रहा है फिर भी अब तक जो जानकारियां सामने आई है उसके आधार पर उनके तीनों बीडीसी क्षेत्र में दावेदार सामने आ रहे हैं ऐसे में मालाकार परिवार को अध्यक्ष बनने तीन सीट को अपने झोली में डालना आसान नही दिख रहा है।




