खरसिया नगरपालिका में सूचना के अधिकार की उड़ रही धज्जियाँ
अपने ही सरकार में छह माह से जानकारी के लिए भटक रहे नपा उपाध्यक्ष
न्यूज सर्च@रायपुर। खरसिया नगर पालिका में सूचना के अधिकार अधिनियम का जमकर माखौल उड़ाया जा रहा है। नगरपालिका में कांग्रेस की नगर सरकार है, जिसमे सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने वाले राजेश सहिस वर्तमान कमेटी में स्वयं नपा उपाध्यक्ष भी है। उनके द्वारा चाही गई जानकारी प्राप्त नही हो रहा है। ऐसे में भ्रस्टाचार मुक्त राज्य की बात करने वाले सरकार के नुमाइंदों के द्वारा अपने ही उपाध्यक्ष को आख़िर पुराने नगर सरकार के सम्बंध में मांगी जा रही जानकारी क्यों नही दी जा रही है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि पुराने कमेटी के भ्रष्टाचार को दबाया जा रहा है उपाध्यक्ष राजेश सहिस के द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यो में तात्तकालीन कमेटी के द्वारा किये गए गड़बड़ी की जांच कराने सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई है। लेकिन आख़िर एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को तो जानकारी अवलोकन हेतु बिना RTI के ही प्रदान किया जाना चाहिए । फिलहाल अपने ही सरकार में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नही मिलने से उपाध्यक्ष राजेश सहिस आहत नजर आ रहे है। क्या उनको समय रहते जानकारी दी जाएगी या फिर मामले में लीपापोती कर मामले का वारा न्यारा कर दिया जाएगा।
अपने ही सरकार में छह माह से जानकारी के लिए भटक रहे नपा उपाध्यक्ष
न्यूज सर्च@रायपुर। खरसिया नगर पालिका में सूचना के अधिकार अधिनियम का जमकर माखौल उड़ाया जा रहा है। नगरपालिका में कांग्रेस की नगर सरकार है, जिसमे सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने वाले राजेश सहिस वर्तमान कमेटी में स्वयं नपा उपाध्यक्ष भी है। उनके द्वारा चाही गई जानकारी प्राप्त नही हो रहा है। ऐसे में भ्रस्टाचार मुक्त राज्य की बात करने वाले सरकार के नुमाइंदों के द्वारा अपने ही उपाध्यक्ष को आख़िर पुराने नगर सरकार के सम्बंध में मांगी जा रही जानकारी क्यों नही दी जा रही है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि पुराने कमेटी के भ्रष्टाचार को दबाया जा रहा है उपाध्यक्ष राजेश सहिस के द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यो में तात्तकालीन कमेटी के द्वारा किये गए गड़बड़ी की जांच कराने सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई है। लेकिन आख़िर एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को तो जानकारी अवलोकन हेतु बिना RTI के ही प्रदान किया जाना चाहिए । फिलहाल अपने ही सरकार में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नही मिलने से उपाध्यक्ष राजेश सहिस आहत नजर आ रहे है। क्या उनको समय रहते जानकारी दी जाएगी या फिर मामले में लीपापोती कर मामले का वारा न्यारा कर दिया जाएगा।


