मां शारदे सम्मान से सम्मानित होंगे मुस्ताक कुरैशी
मुस्ताक कुरैशी
न्यूज सर्च@बम्हनीडीह। महामाया शिक्षण समिति बिलासपुर संभाग द्वारा बिलासपुर में 29 मार्च 2020 को विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों के लिए लोगो को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण शिक्षा में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों के अति गरीब वर्ग के अब तक 50 बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करा चुके मुस्ताक कुरैशी का नाम मां शारदे सम्मान के लिए चयन किया गया है ।
क्या कहते हैं विजय पाण्डेय
महामाया शिक्षण समिति बिलासपुर के अध्यक्ष विजय पाण्डेय का कहना है कि आज के समय में व्यक्ति अपने अलावा किसी दूसरे के मदद करने के लिए समय निकाले ऐसा बहुत कम होता है, पर मुस्ताक कुरैशी के किए कार्यों कि लोग प्रशंसा करते हैं। इंजीनियरिंग पास करने के बाद जहां आसानी से प्राइवेट सेक्टर में अच्छी सैलरी का काम उपलब्ध था। तब उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के उपर कार्य करने का कठिन फैसला कम उम्र में लेना उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है। इसके साथ ही पत्रकारिता करते हुए परेशान एवम् पीड़ित लोगों की आवाज को ऊपर उठाने का प्रयास भी उनके द्वारा लगातार किया जा रहा है ।
तहसीलदार का कहना है
चांपा के तहसीलदार डॉ राम विजय शर्मा कहते हैं मुस्ताक भाई को मै काफी समय से जनता हूं उनकी सबसे अच्छी बात ये है कि जो भी उनके साथ रहता है वो सबको अपने परिवार जैसा समझते हैं ।
नितिन जायसवाल कॉलेज के सीनियर - मुस्ताक मेरे जूनियर जरूर थे पर मेरे रूममेट भी एवम् क्लोज फ्रेंड भी है । गलतियां हर कोई करता है मुस्ताक भी करता है पर उसकी हार ना मानने और फिर से उठ कर लड़ने की सोच उसको अच्छा व्यक्ति बनाती है। विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी के पालक - बम्हनीडीह में आज से 5 साल पहले बच्चो की शिक्षा के उपर किसी का कुछ खास ध्यान नहीं था । बढ़े घर के बच्चे आसानी से चांपा जाकर पढ़ लेते थे । पर उन्हें भी अपने छोटे बच्चो को दूर भेजने में परेशानी होती थी। पर मुस्ताक जी के प्रयास के बाद क्षेत्र के समस्त विद्यालयों ने शिक्षा की गुड़वत्ता पर ध्यान देना प्रारम्भ किया बच्चे किसी भी विद्यालय में अध्ययन रत क्यू ना हो पर उनके प्रयास का फल क्षेत्र के सभी बच्चों को मिला ।
क्या कहते हैं मुस्ताक कुरैशी ( एमडी एचपीएस ग्रुप ऑफ एजुेशन ) -
इस सम्मान के लिए महामाया शिक्षण समिति, सभी सहयोगी स्टाफ सहित दोस्तो एवम् परिवार वालों का धन्यवाद् ।
शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की सोच अचानक या फायदे नुकसान को लेकर नहीं बल्कि अपने मा और पिता जी को देख कर लिया गया फैसला है । दरअसल मेरे दोनों पैरंट्स कभी स्कूल नहीं गए हम लोग 2 भाई ( मुबारक - मुस्ताक ) और 1 बहन ( फरीदा ) है। जिनकी शिक्षा को लेकर हमारे पैरेंट्स ने सब कुछ किया और हमेशा हमें अच्छी शिक्षा के लिए प्रेरित किया । उसी से मुझे प्रेरणा मिली कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चो को अच्छी शिक्षा की बहुत जरूरत है और आगे अपने क्षेत्र के समस्त ग्रामों में विद्यालय की स्थापना करना ही मुख्य उद्देश्य है। जिसके लिए समय आने पर लोगो से मिलेंगे और ऐसे लोग ढूंढने का प्रयास करूंगा जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बेहतर करने के लिए हमें मदद कर सकें। एक ओपन चैरिटी बना कर ग्रामीण शिक्षा में सुधार के लिए कार्य प्रारम्भ कर चुके है। बहुत जल्द ही 2 और ग्रामों पर विद्यालय प्रारम्भ किया जा रहा है।
मुस्ताक कुरैशी
न्यूज सर्च@बम्हनीडीह। महामाया शिक्षण समिति बिलासपुर संभाग द्वारा बिलासपुर में 29 मार्च 2020 को विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों के लिए लोगो को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण शिक्षा में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों के अति गरीब वर्ग के अब तक 50 बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करा चुके मुस्ताक कुरैशी का नाम मां शारदे सम्मान के लिए चयन किया गया है ।
क्या कहते हैं विजय पाण्डेय
महामाया शिक्षण समिति बिलासपुर के अध्यक्ष विजय पाण्डेय का कहना है कि आज के समय में व्यक्ति अपने अलावा किसी दूसरे के मदद करने के लिए समय निकाले ऐसा बहुत कम होता है, पर मुस्ताक कुरैशी के किए कार्यों कि लोग प्रशंसा करते हैं। इंजीनियरिंग पास करने के बाद जहां आसानी से प्राइवेट सेक्टर में अच्छी सैलरी का काम उपलब्ध था। तब उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के उपर कार्य करने का कठिन फैसला कम उम्र में लेना उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है। इसके साथ ही पत्रकारिता करते हुए परेशान एवम् पीड़ित लोगों की आवाज को ऊपर उठाने का प्रयास भी उनके द्वारा लगातार किया जा रहा है ।
तहसीलदार का कहना है
चांपा के तहसीलदार डॉ राम विजय शर्मा कहते हैं मुस्ताक भाई को मै काफी समय से जनता हूं उनकी सबसे अच्छी बात ये है कि जो भी उनके साथ रहता है वो सबको अपने परिवार जैसा समझते हैं ।
नितिन जायसवाल कॉलेज के सीनियर - मुस्ताक मेरे जूनियर जरूर थे पर मेरे रूममेट भी एवम् क्लोज फ्रेंड भी है । गलतियां हर कोई करता है मुस्ताक भी करता है पर उसकी हार ना मानने और फिर से उठ कर लड़ने की सोच उसको अच्छा व्यक्ति बनाती है। विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी के पालक - बम्हनीडीह में आज से 5 साल पहले बच्चो की शिक्षा के उपर किसी का कुछ खास ध्यान नहीं था । बढ़े घर के बच्चे आसानी से चांपा जाकर पढ़ लेते थे । पर उन्हें भी अपने छोटे बच्चो को दूर भेजने में परेशानी होती थी। पर मुस्ताक जी के प्रयास के बाद क्षेत्र के समस्त विद्यालयों ने शिक्षा की गुड़वत्ता पर ध्यान देना प्रारम्भ किया बच्चे किसी भी विद्यालय में अध्ययन रत क्यू ना हो पर उनके प्रयास का फल क्षेत्र के सभी बच्चों को मिला ।
क्या कहते हैं मुस्ताक कुरैशी ( एमडी एचपीएस ग्रुप ऑफ एजुेशन ) -
इस सम्मान के लिए महामाया शिक्षण समिति, सभी सहयोगी स्टाफ सहित दोस्तो एवम् परिवार वालों का धन्यवाद् ।
शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की सोच अचानक या फायदे नुकसान को लेकर नहीं बल्कि अपने मा और पिता जी को देख कर लिया गया फैसला है । दरअसल मेरे दोनों पैरंट्स कभी स्कूल नहीं गए हम लोग 2 भाई ( मुबारक - मुस्ताक ) और 1 बहन ( फरीदा ) है। जिनकी शिक्षा को लेकर हमारे पैरेंट्स ने सब कुछ किया और हमेशा हमें अच्छी शिक्षा के लिए प्रेरित किया । उसी से मुझे प्रेरणा मिली कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चो को अच्छी शिक्षा की बहुत जरूरत है और आगे अपने क्षेत्र के समस्त ग्रामों में विद्यालय की स्थापना करना ही मुख्य उद्देश्य है। जिसके लिए समय आने पर लोगो से मिलेंगे और ऐसे लोग ढूंढने का प्रयास करूंगा जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बेहतर करने के लिए हमें मदद कर सकें। एक ओपन चैरिटी बना कर ग्रामीण शिक्षा में सुधार के लिए कार्य प्रारम्भ कर चुके है। बहुत जल्द ही 2 और ग्रामों पर विद्यालय प्रारम्भ किया जा रहा है।


