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बेमौसम बारिश ने धान खरीदी केंद्रों की खोली पोल

खुले आसमान के नीचे खरीदी केन्द्रों में 26 लाख 54 हजार क्विंटल धान

2 दिनों से बेमौसम हो रही बारिश के चलते 209 केन्द्रों में धान खरीदी बंद

न्यूज सर्च@जांजगीर-चांपा। जिले में दो दिनों से आसमान में छाई बदली और बारिश के चलते मौसम में ठंडकता बढ़ गई है। वहीं इसका असर जिले में  धान की खरीदी पर भी पड़ा है। बेमौसम बारिश ने खरीदी केंद्रों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिले के सभी 209 केंद्रों में 2 दिनों में धान का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। वहीं खरीदी केन्द्रों में 26 लाख 54 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। बारिश में भीगने और खुले में पड़े होने के कारण धान के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर जिले में 121 सेवा सहकारी समितियों के 209 केन्द्रों में धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा धान खरीदी के लिए 1 लाख 70 हजार किसानों का पंजीयन किया गया है। अब तक लगभग 1 लाख 60 हजार 685 किसानों से 74 लाख 5 हजार किं्वटल धान की खरीदी हो चुकी है। इनमें से 29 लाख 45 हजार किं्वटल धान का परिवहन हुआ है जबकि परिवहन के अभाव में अधिकांश केन्द्रों में 26 लाख 54 हजार 260 किं्वटल धान जाम है। दो दिनों से बे मौसम हो रही बारिश के चलते 209 केन्द्रों में खरीदी बंद है तो वहीं खुले में पड़े लाखों किं्वटल धान के बारिश में भीगने के कारण खराब होने की आशंका बढ़ने लगी है। हालांकि जिले के करीब 100 केंद्र ऐसे हैं जहां करीब सप्ताह भर से धान की आवक नहीं हो रही है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन केंद्रों में 90 प्रतिशत से अधिक की खरीदी हो चुकी है। इन केंद्रों में अब केवल गिनती के छोटे किसान ही धान बेचने पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय से लगे धान खरीदी केंद्र नैला, पेंड्री और खोखरा खरीदी केंद्र में ही हजारों क्विटल धान जाम है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि धान के उठाव को लेकर समिति प्रभारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धान खरीदी केंद्र खोखरा के प्रभारी बृजेश तिवारी का कहना है कि धान का उठाव नहीं होने के कारण केंद्र में 11 हजार क्विटल धान जाम है। धान रखने के लिए केंद्र में पर्याप्त जगह नहीं है। उन्होंने बताया कि बारिश की वजह से धान खरीदी प्रभावित हो रही है। यदि बारिश होती रही तो जो किसान बचे हुए हैं उनसे खरीदी नहीं हो पाएगी।

ड्रेनेज की नहीं है व्यवस्था  
खरीदी केन्द्रों में जाम धान की सुरक्षित रखने के निर्देश केन्द्र प्रभारियों को कई बार दिया जा चुका है, बाजवूद इसके स्थिति जस की तस है। शासन द्वारा सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकों को ड्रेनेज की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिए गए हैं, मगर इसके बाद भी केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बारिश होने पर शासन को ही नुकसान उठाना होगा।

नहीं हो रहा धान का उठाव
किसानों का कहना है कि धान का उठाव आवक के हिसाब से नहीं हो रहा है। जिसके चलते केंद्रों में धान अव्यवस्थित है। लगातार आवक और तौल के कारण स्टेक लगाने में परेशानी हो रही है। नियमित उठाव होने से यह समस्या नहीं होगी। गुरूवार से आसमान में बादल छाए हुए थे और दोपहर बाद जो बारिश शुरू हुई वह दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही लगातार हुई बारिश के चलते खरीदी केन्द्र कीचड़ से सराबोर हो गए। वहीं केन्द्रों में पर्याप्त उठाव के अभाव में रखे धान भीग गए है।


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