एक किलोवाट का सोलर सेटअप लगातार दे रहा है विद्युत आपूर्ति
न्यूज़ सर्च@रायपुर. केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें सोलर, एयर और हाईड्रोजन एनर्जी का अधिक उपयोग करने पर जोर दे रही हैं। भारत सरकार का सबसे अधिक ध्यान वर्तमान में सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उपयोग करने पर है। इसी कड़ी में एनआईटी रायपुर भी कदम बढ़ा रहा है। यहां १०० किलोवाट का सोलर पॉवर हब तो तैयार हो ही रहा है साथ ही यहां एक ऐसी भी लैब है जो पूरी तरह से सोलर एनर्जी से संचालित है। इस लैब के पंखे, लाइट, कंप्यूटर, एयर कंडीशन यहां तक की कम लोड वाली मशीन तक सोलर एनर्जी से चल रही हैं। यहां एक ऐसा कनवर्टर बनाया जा रहा जिसमें यदि कुछ खराबी आती भी है तो वह सोलर एनर्जी को लगातार एसी करेंट में कनवर्ट करके सप्लाई देता रहेगा। इस दौरान इंजीनियर को उसे बनाने का पूरा समय भी मिलेगा और बिजली की आपूर्ति भी बाधित नहीं होगी।इस प्रोजेक्ट पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंड प्रोफेसर डॉ. ललित साहू कार्य कर रहे हैं। यह प्रोजेक्ट एनआईटी के डायरेक्टर डॉ. एएम रावाणी, डीन रिसर्च एंड कंसलटेंसी डॉ. सुब्रता गुप्ता और हेड इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट डॉ. एंडी लोंढे के मार्गदर्शन में चल रहा है। डॉ. साहू ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड नई दिल्ली को इस प्रोजेक्टर पर काम करने के लिए लिखा था। वहां से यह प्रोजेक्टर सेंगशन हुआ और 43.45 लाख की स्वीकृति मिलने के बाद प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू हुआ। इसे फॉल्ट टोलरेंट ऑपरेशन नाम दिया गया। इसके लिए कई आधुनिक उपकरण खरीदे, जिसकी मदद से यह उपकरण तैयार किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने एक ऐसा सोलर सिस्टम भी खरीदा, जिसका पैनल छत पर लगा है और उसका एक्ससे लैब में सीधे मिल रहा है। इससे लैब के सभी फैंस और लाइट चलाए जा रहे हैं। प्रयोग के दौरान जब अधिक पॉवर की आवश्यकता होती है तब बाहर से बिजली ली जाती है। इस तरह इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट का यह लैब एनआईटी रायपुर का पहला ऐसा लैब बन गया है जो कि सोलर पॉवर बेस्ड है। इसके लिए अलग से एक किलोवाट का लोलर सिस्टम लगाया गया है।


