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ऐसे समय में किचन गार्डन तैयार करना बेहतर विकल्प, लोगों का दिख रहा रुझान

गार्डन की तैयारी में लगे रहने से नहीं पता चल पाएगा समय 

प्लानिंग के साथ दे सकते हैं अपने बगीचों को नई सूरत

न्यूज़ सर्च@रायपुर:- कोरोना इफेक्ट के चलते जहां शहर बंद सा हो गया  है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे समय में सबसे बड़ी चुनौती है हंसते खेलते टाइम पास करने की। इसके लिए गार्डनिंग एक बेस्ट आइडिया माना जा रहा है। ऐसे समय में लोगों को चाहिए कि वह अपने घर के बगीचों को पहले से अधिक समय दें। इससे उनक समय तो अच्छे से बीतेगा ही साथ ही आपको गार्डन भी बेहतर तरीके से तैयार हो जाएगा। किचन गार्डन डेवलप करना हो या लॉन तैयार करना हो तो इसके लिए आप एक्सपर्ट या फिर यू-ट्यूब से काफी जानकारी ले सकते हैं। वहां आपको फूल व फलदार सहित अन्य पौधे रोपने के सही तरीका व देखभाल के टिप्स भी मिल जाएंगे।
इस मौसम में वैसे तो पौधे लगाना उतना सही नहीं है, लेकिन पानी की पर्याप्त व्यवस्था व सही देखरेख से कोई भी पौधा लगाया जा सकता है। पर्याप्त पानी, खाद व सही देखरेख में पौधा रोपने पर वह जल्द सर्वाइब कर जाता है। बगीचा तैयार करने के लिए सबसे बेहतर होगा कि आप तालाब की मिट्टी का उपयोग करें। कुएं आदि की खुदाई में से निकली मिट्टी भी अच्छी होती है। काली मिट्टी के अलावा लाल मिट्टी भी उपयुक्त है। लाल मिट्टी पानी जल्दी सोखती है और इसमें जड़ जल्दी फैलती है। ऑर्गेनिक खाद में गोबर, वर्मी कंपोस्ट और नीमखली सबसे बेहतर विकल्प हैं। तैयार की गई मिट्टी में चीटी और दीमक नाशक दवाई मिलाना भी आवश्यक है।

आसानी से मिलता है रॉ मटेरियल

गार्डन एक्सपर्ट उमेश राठौर के अनुसार गार्डनिंग के लिए रॉ मटेरियल आसानी से उपलब्ध हो जाता है। बगीचे के लिए मिट्टी तैयार करने में भी अधिक परेशानी नहीं आती है। कोरोना के चलते यदि बाजार से खाद व अन्य दवाएं नहीं ला सकते हैं तो घर पर गोबर मिली मिट्टी व खली का उपयोग कर सकते हैं। कीटनाशक के लिए भी कई घरेलू नुस्खे हैं, जिससे काफी काम चलाया जा सकता है।

पानी जमा न होने पाए

गार्डन एक्सपर्ट राजेश वर्मा बताते हैं कि बगीचा तैयार करते वक्त इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बगीचे में मिट्टी इस तरह बिछाई जाए कि पानी जमा नहीं हो पाए। इसके लिए बगीचे की ऊपरी सतह ढलान वाली होना चाहिए।

ऐसे बनाएं मिट्टी को उपजाऊ

किचन गार्डन के लिए काली मिट्टी और गोबर खाद को 60:40 के रेशो में मिलाकर बगीचे में फैलाकर बीज लगाएं। पौधे उगने पर उन्हें क्यारियों में रोप दें। इस मिट्टी में लौकी, गिलकी, हरी मिर्च, पालक, धनिया, करेला आदि लगाया जा सकता है।

लॉन तैयार करने के लिए 

जमीन की खरपतवार साफ करने के बाद मिट्टी की खुदाई करें। 10 प्रतिशत काली मिट्टी में 30 प्रतिशत गोबर खाद, 10 प्रतिशत रेत, 5 प्रतिशत नीमखाद, 5 प्रतिशत दीमक व चीटी नाशक पावडर और 10 प्रतिशत वर्मी कंपोस्ट मिलाएं। इसे बगीचे में फैलाकर उस पर 25 प्रतिशत लाल मिट्टी की परत बिछाएं। इसके बाद घास लगाएं।

फूलदार व सजावटी पौधों के लिए 

50 प्रतिशत काली मिट्टी में गोबर खाद 30 फीसद, रेत 10 प्रतिशत और वर्मी कंपोस्ट 10 प्रतिशत के अनुपात में मिलाकर फैलाएं। इस मिश्रण में पौधे रोपें। इसमें गेंदा, हलिहक, नवरंगा, जीनिया, कॉसमस, एक्जोरा, बिगुनिया, जरबेरा, गुलाब, चायनारोज, अल्मंडा क्रिपर, चांदनी आदि लगा सकते हैं।

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