राजस्थान से आ रहे विशेष मटके
न्यूज़ सर्च@रायपुर:- गर्मी के तेज होने से पहले ही शहर के प्रमख बजाराें में मटका व सुराही सजने लगे है। लोगों ने मटके लेना शुरु कर दिया है। वर्तमान आधुनिकता के दौर में लोगों के पास तकनीक मशीन उपकरणाें का भरमार है। लेकिन कुछ लोग आज भी प्यास बुझाने के लिए आज भी मिट्टी के मटका व सुराही का उपयोग कर पंसद करते है।
तेज गर्मी में ठंडे पानी पीने के लिए आकर्षक रंग-बिरंगे, डिजाइल वाले सुराही मटके आए हुए है। राजकुमार कॉलेज समीप राजस्थान से आए समसुद्दीन चिकनी मिट्टी से बने मटके लाए हुए है। उनका कहना है, यह मटका ठंडा पानी देने के साथ दाे सालों तक खराब नहीं होगा। इसकी कीमत 100 रुपय से 400 तक है। मटके में नल लगा हुआ है। इसके अलावा अन्य मिट्टी के मटके के तरफ खुरदुरा नहीं है। इसमें विशेष डिजाईन किया गया है, जिससे यह चिकना है। दुकानदार का कहना है, गर्मी के लिए लाखाें की संख्या में मटके बनाने का लक्ष्य है। रायपुर समेत अन्य राज्यों में मटके बेचे जाते है।
ग्राहकों ने बताए फायदे
बाजार में मटके की खरीदारी करने पहुंच रहे लोगों ने मटके व सुराहे के उपयोग के फायदे बताए। शहर की प्रतिभा कौर ने बताया, मैं गर्मी के समय पानी पिने के लिए हर वर्ष मिट्टी से बने मटकों का उपयोग करती हुॅ। यह फ्रिज की तुलना तेज गर्मी में प्यास बुझाने सक्षम होता हैं। वही रोहन वर्मा का कहना हैं, मैं हर मौसम में मिट्टी के मटके का उपयोग करता हूॅ। यह गर्मी के समय मिनी फ्रिज की तरह कार्य करता हैं। इसका उपयोग शरीर के लिए लाभदायक होता हैं।
न्यूज़ सर्च@रायपुर:- गर्मी के तेज होने से पहले ही शहर के प्रमख बजाराें में मटका व सुराही सजने लगे है। लोगों ने मटके लेना शुरु कर दिया है। वर्तमान आधुनिकता के दौर में लोगों के पास तकनीक मशीन उपकरणाें का भरमार है। लेकिन कुछ लोग आज भी प्यास बुझाने के लिए आज भी मिट्टी के मटका व सुराही का उपयोग कर पंसद करते है।
तेज गर्मी में ठंडे पानी पीने के लिए आकर्षक रंग-बिरंगे, डिजाइल वाले सुराही मटके आए हुए है। राजकुमार कॉलेज समीप राजस्थान से आए समसुद्दीन चिकनी मिट्टी से बने मटके लाए हुए है। उनका कहना है, यह मटका ठंडा पानी देने के साथ दाे सालों तक खराब नहीं होगा। इसकी कीमत 100 रुपय से 400 तक है। मटके में नल लगा हुआ है। इसके अलावा अन्य मिट्टी के मटके के तरफ खुरदुरा नहीं है। इसमें विशेष डिजाईन किया गया है, जिससे यह चिकना है। दुकानदार का कहना है, गर्मी के लिए लाखाें की संख्या में मटके बनाने का लक्ष्य है। रायपुर समेत अन्य राज्यों में मटके बेचे जाते है।
लोगों में सुराही पहली पंसद
प्रत्येक वर्षो की तरह इस बार भी कुम्हार दुकानदारों ने लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मटकों को स्टाइलिश लुक में तैयार किया। जिसे लोग काफी पंसद कर रहें हैं। आमापार में दुकान संचालक ममता यादव ने बताया, वे 9 सालाें से कुम्हार के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। इस बार सुराही अधिक संख्या में बनाए है। गर्मीयों में अधिकत्तर लोगों की पहली पंसद सुराही होती हैं।इसें मिट्टी और रेत के मिश्रण से बनाए जाने से पानी की अशुद्धियों को प्राकृतिक तरीके से सोख लेता है और ठंडा पानी प्राप्त होता हैं। इसके अलाव समान्य मटके 50 से 200 रुपय तक बिक रहे है। दुकानदारों का कहना है, अभी कीमत कम है, आने वाले गर्मी दाम में बढ़ोतरी हो सकती है।मटके में काफी वैरायटी में
बाजार में मटके को लेकर काफी वैरायटी आई हुई है। जिसमें मटका टंकी, गोल मटका और सुराही है इसमें नल भी लगा हुआ हैं, जिससे पानी निकालनें में काेई दिक्कत न हो। इस तरह के मटके लोगों की पहली पंसद बनी हुई हैं। इसकी कीमत 50 रूपय से 450 रूपय तक हैं। दुकारदारों का कहना हैं, मटके की कीमत उसके पानी क्षमता व बनावट के अधार पर होता हैं।ग्राहकों ने बताए फायदे
बाजार में मटके की खरीदारी करने पहुंच रहे लोगों ने मटके व सुराहे के उपयोग के फायदे बताए। शहर की प्रतिभा कौर ने बताया, मैं गर्मी के समय पानी पिने के लिए हर वर्ष मिट्टी से बने मटकों का उपयोग करती हुॅ। यह फ्रिज की तुलना तेज गर्मी में प्यास बुझाने सक्षम होता हैं। वही रोहन वर्मा का कहना हैं, मैं हर मौसम में मिट्टी के मटके का उपयोग करता हूॅ। यह गर्मी के समय मिनी फ्रिज की तरह कार्य करता हैं। इसका उपयोग शरीर के लिए लाभदायक होता हैं।


