न्यूज़ सर्च@सारंगढ़:- केन्द्र सरकार द्वारा अकुशल मजदूरों को रोजगार देने के लिए शुरू की गई महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना जिसके अंतर्गत 150 दिन की रोजगार ग्रामीण अंचल के अकुशल श्रमिकों दी जाती है इस योजना के तहत जल संरक्षण हेतु तालाब डबरी परकोलेशन टैंक,गेबियन निर्माण सहित भूमि समतलीकरण एवं मृदा के कटाव रोकने जैसे कार्य ग्राम पंचायत के माध्यम से कराया जा रहा है लेकिन यह योजना काम की गारंटी तो देता है लेकिन इसकी मजदूरी भुगतान कब तक होगी इसकी कोई भी गारंटी नही देता जिसकी वजह से लोगों को इस योजना के तहत होने वाले कार्यों में काम करने से मोह भंग हो रहा है
ताजा मामला देखें तो अभी गत दिनों इस योजना के तहत सैकड़ों कार्य हुये हैं लेकिन इस संकट की घड़ी में भी सरकार मजदूरों को उनके कार्य का भुगतान समय पर नही कर सकी है लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं बार बार सचिव सरपंच के पास चक्कर लगाकर मजदूरी भुगतान कराने गुहार लगा रहे हैं लेकिन केन्द्र सरकार व राज्य सरकार रोजगार गारंटी योजना में काम करने वाले मजदूरों को उनकी मजदूरी भुगतान करने की योजना में कोई पहल करते नजर नही आ रहा है ऐसे में आने वाले दिनों में इस योजना में काम कराना कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत को काम कराने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है आखिरकार सरकारें हमेशा जरूरत मंद मजदूरों की मजबूरी को दरकिनार क्यों करती है समझ से परे लेकिन यह तो स्पष्ट है कि रोजगार गारंटी योजना में आज भी मजदूरों को समय पर भुगतान मिले इसकी चिंता न तो केन्द्र की मोदी सरकार कर रही है और न राज्य की भूपेश सरकार इसलिए मजदूर अब कह रहे हैं रोजगार गारंटी योजना में काम करना है बेकार क्योंकि इस संकट की दौर में मजदूरी नही मिली तो सामान्य दिनों में इसकी मजदूरी कितने महीनों बाद मिलेगी इसकी कोई सीमा नही है।
ताजा मामला देखें तो अभी गत दिनों इस योजना के तहत सैकड़ों कार्य हुये हैं लेकिन इस संकट की घड़ी में भी सरकार मजदूरों को उनके कार्य का भुगतान समय पर नही कर सकी है लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं बार बार सचिव सरपंच के पास चक्कर लगाकर मजदूरी भुगतान कराने गुहार लगा रहे हैं लेकिन केन्द्र सरकार व राज्य सरकार रोजगार गारंटी योजना में काम करने वाले मजदूरों को उनकी मजदूरी भुगतान करने की योजना में कोई पहल करते नजर नही आ रहा है ऐसे में आने वाले दिनों में इस योजना में काम कराना कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत को काम कराने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है आखिरकार सरकारें हमेशा जरूरत मंद मजदूरों की मजबूरी को दरकिनार क्यों करती है समझ से परे लेकिन यह तो स्पष्ट है कि रोजगार गारंटी योजना में आज भी मजदूरों को समय पर भुगतान मिले इसकी चिंता न तो केन्द्र की मोदी सरकार कर रही है और न राज्य की भूपेश सरकार इसलिए मजदूर अब कह रहे हैं रोजगार गारंटी योजना में काम करना है बेकार क्योंकि इस संकट की दौर में मजदूरी नही मिली तो सामान्य दिनों में इसकी मजदूरी कितने महीनों बाद मिलेगी इसकी कोई सीमा नही है।


