*सबसे बड़ा खतरा : तीन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन दो माह में भी नहीं खोल पाए लैब*
ये हैं जांच के आंकड़े- 85346 - कुल सैंपलिंग, 80447 - जांच हुईं, 38631- एम्स में जांच
न्यूज़ सर्च@रायपुर:- कोरोना वायरस में जकड़ते चले जा रहे छत्तीसगढ़ में अब मुश्किलें बढऩी शुरू हो गई है। संक्रमित मरीजों की संख्या 1,000 का आंकड़ा पार कर चुकी है। रोजाना औसतन साढ़े चार हजार सैंपल लैबों में जांच के लिए भेजे रहे हैं, और अब ये हांफ रही हैं। हालात यह है एम्स में स्थापित प्रदेश की सबसे बड़ी वायरोलॉजिकल लैब ने अब नए सैंपलों की जांच से हाथ खड़े कर दिए हैं। एम्स प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग को साफ-साफ कह दिया है कि अगले 10 दिनों तक एक भी सैंपल न भेंजे। यही हाल दूसरी सरकारी लैबों का भी है। मगर वे सरकार के अधीन है इसलिए उन कॉलेजों के डीन चुप्पी साधे हुए हैं।
उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 3,948 नहीं, बल्कि इससे कहीं ज्यादा पेंडेंसी है। अब अगर रिपोर्ट समय पर नहीं आ रही, तो संक्रमित मरीज न जाने कितनों को संक्रमित कर चुके होंगे। पड़ताल के दौरान एक खुलासा हुआ है कि 14 मई तक 2-3 दिन में रिपोर्ट आ जाती थी। 25 मई तक 5 से 7 दिन में और आज स्थिति यह है कि 23 मई को लिए गए सैंपल की रिपोर्ट 6 जून को आई है। यह मामला रायपुर का है। सोचिए, जब राजधानी के सैंपल का ये हाल है, तो दूर-दराज के जिलों-कस्बों से आने वाले सैंपलों का क्या होता होगा? अगर, तत्काल नई लैब नहीं खोली गईं या फिर टेस्टिंग के दूसरे बंदोबस्त नहीं किए गए तो राज्य में हालात नियंत्रण से बाहर भी हो सकते हैं।
*23 मई के सैंपलों की 6 जून को आई रिपोर्ट*
एम्स में सैंपल पेंडिंग का सबसे बड़ा उदाहरण रविवार को सामने आया। रायपुर से 23 मई को सैंपल एम्स भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट 6 जून को आई है, जिसमें 50 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। एम्स में रायपुर और दुर्ग संभाग से आने वाले सैंपलों की जांच की जाती है। एम्स के एक आला अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से आग्रह करने के बाद भी एंबुलेंस से प्रतिदिन शाम को डेढ़ से दो हजार सैंपल भेजे जा रहे हैं। एम्स में भी इमरजेंसी सेवा चालू है। कोरोना को देखते हुए डिलीवरी व सर्जरी से पूर्व भी मरीजों के सैंपलों की जांच की जा रही है। कम से कम 200 सैंपल प्रतिदिन लिया जाता है। 'पत्रिका' से बातचीत में सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने कहा कि रायपुर के सैंपलों की जांच नहीं की जा रही थी, जिससे मरीज सामने नहीं आ रहे थे। अब सैंपल जांच हो रही है तो रिपोर्ट आ रही। लालपुर लैब कुछ दिन बंद थी, अब चालू है।लैब में तीनों शिफ्ट में जांच चल रही है। आने वाले दिनों में क्षमता और बढ़ाई जाएगी। प्रतिदिन 2000 से ज्यादा सैंपल जांच कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है कि सैंपल न भेंजे।
डॉ. नितिन एम नागरकर, निदेशक, एम्स, रायपुर


