लॉकडाउन के बीच कुशल मजदूर लौट गए थे अपने राज्य
न्यूज़ सर्च@भिलाई:- लॉक डाउन के बीच अपने शहर लौट चुके दीगर राज्यों के प्रवासी कुशल मजदूरों को लाने के लिए बिजली कंपनी को लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे है। यह वे मजदूर थे जो ऊंचे टावर, तार को फैलान और तार को खीचने समेत अन्य टेक्नीकल कार्यो में पारंगन थे। स्थानीय मजदूर ये काम नहीं कर पाते। उन मजदूरों के नहीं रहने से करोडो़ रुपए की लागत से किए जा रहे बिजली कंपनी के काम अटक गया था। अब बिजली कंपनी उन्हें स्पेशल बस से लाखों रुपए खर्च कर करीब 900 किलोमीटर दूर से बुला रही है।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के लॉकडाउन के बीच बीजापुर, उदयपुर, कोरबा समेत अन्य जिला में 132 केवी नए सब स्टेशन बनाने का काम चल रहा था। बिजली कंपनी के कार्य दीगर राज्यों के कुशल मजदूरों से लिया जा रहा था। कोरोना संक्रमण के चलते पूरे देश में लॉक डाउन की हुआ। इस बीच यहां कार्य करने वाले कुशल मजदूर अपने घर को लौट गए। बिजली कंपनी ने यहां के लोकल मजदूरों से काम लिया। लेकिन अनट्रेंड होने के नाते उनसे नहीं हो पा रहा है। बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि उनके चले जाने से नगरी से इंदिरा गांव का नई लाइन खड़ी करने का कार्य शुरु नहीं किया जा सके।


