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इस प्रधानमंत्री की मौत के गम में 36 सालों से अपना जन्मदिन नहीं मनाया मंत्री सिंहदेव ने

न्यूज़ सर्च@रायपुर:- सरगुजा नरेश और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री टीएस सिंहदेव पर देश की महान नेता और पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की घटना ने ऐसा आघात डाला कि वह पिछले 36 सालों से अपना जन्मदिन ही नहीं मनाते हैं। जबकि उससे पहले उनके जन्मदिन पर पूरे सरगुजा पैलेस को भव्य रूप से सजाया जाता था और क्षेत्र की जनता अपने राजा का जन्मदिन धूम धाम से मानती थी।
सरगुजा नरेश का जन्मदिन हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। साल 1984 में इसी दिन सरगुजा पैलेस को हर बार की तरह सजाया जा रहा था, जिससे वहां के नरेश का जन्मदिन धूम धाम से मनाया जा सके। इसी दौरान इंदिरा गांधी की हत्या की खबर उन तक आई। सरगुजा नरेश जिस नेता से प्रेरित होकर कांग्रेस में शामिल हुए और अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की। उसकी हत्या उन्हीं के जन्मदिन पर होना उनके लिए कल्पना से परे था। वो वक्त था और 36 साल बाद आज का वक़्त है सिंहदेव ने अपना जन्मदिन नहीं मनाया। फिर 31 अक्टूबर का दिन आया है। इस बार भी स्वस्थ मंत्री ने अपना जन्मदिन न मनाकर स्वर्गीय इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर पूरे राज्य के ब्लड बैंको में रक्तदान शिविर आयोजित करने फैसला लिया है।

इंदिरा के आदर्शों का आइना है यह राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर

छत्तीसगढ़ सरकार के प्रभावशाली मंत्री के जन्मदिन को मनाने फिर से उन्हें चाहने वालों की पूरी फौज शामिल है। लेकिन सिंहदेव अपने ही जन्मदिन के दिन इंदिरा गांधी की हुई हत्या की टीस भुला नहीं पाए। इसलिए उन्होंने अपने चाहने वालों को यह संदेश दिया कि वह अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर इंदिरा गांधी की आत्मा को शान्ति पहुंचाएं। यही उनके जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा होगा, क्योंकि इंदिरा गांधी ने भी अपनी हत्या के ठीक एक दिन पहले भुवनेश्वर में अपने आखिरी भाषण में कहा था कि  ‘मैं आज हूं। कल शायद यहां न रहूं। मुझे चिंता नहीं मैं रहूं या न रहूं। मुझे इस बात का गर्व है कि मैंने अपना पूरा जीवन अपने लोगों की सेवा में बिताया है। मैं अपनी आख़िरी सांस तक ऐसा करती रहूंगी और जब मैं मरूंगी तो मेरे ख़ून का एक-एक क़तरा भारत को मज़बूत करने में लगेगा। उनकी इन्हीं भावनाओं के चलते यह रक्तदान आयोजित है। जिससे लोगों के खून का कतरा किसी को जीवन दे सके।




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