न्यूज सर्च@रायपुर। ऑन लाइन मार्केटिंग में अपने प्रोडक्ट पर भारी छूट देने का दावा करने वाली फिल्पकार्ट FLIPKART और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों की पोल एक-एक कर खुलती जा रही है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोषी ने भी इस पर सवाल उठाते हुए इन कंपनियों के आडिट की मांग की है। इतना ही नहीं यह तक कहा जा रहा है कि यह कंपनियां सेल उन्हीं प्रोडक्ट पर लागू करती है, जिनकी डिमांड खत्म हो जाती है। स्टॉक और डिमांड के आधार पर ही यह कंपनियां छूट का प्रतिशत खटाती बढ़ाती है।
मार्केट एक्सपर्ट आगाज मोहम्मद का कहना है कि ऑन लाइन सेक्टर पर काम कर रही कंपनियां नए प्रोडक्ट पर छूट नहीं देती हैं। उनका कहना है कि जब भी कोई सेल लगती है, चाहें वह किसी फुटपाथ पर, या किसी मॉल में, या फिर ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर लगे सभी की खास बात यही होती है कि सेल पर छूट के बहाने वह लोग उन उत्पादों को बेचते हैं, जिसको कोई पूछ नहीं रहा है, या फिर बिक्री कम हो गई है। कुछ ऐसा ही काम फ्लिपकार्ट FLIPKART, अमेजन जैसी कंपनियां करती हैं। सितंबर में यह लोग दीवाली दशहरा फेस्टिवल के अवसर पर जिन सामान पर छूट देती हैं, वो छूट भी वह अपनी तरफ से देती बल्कि ये छूट छोटे-बड़े सेलर द्वारा दी जाती है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि बाजार में जो प्रोडक्ट सस्ता मिल जाता है वही प्रोडक्ट ऑन लाइन में महंगा बेंचा जा रहा है।
प्रोडक्ट में रहता है भारी अंतर
रायपुर शहर की पूनम गर्ग ने बताया कि उन्होंने फ्लिपकार्ट FLIPKART में ऑफर देखकर इंदुलेखा तेल खरीदा था। वहां से जो तेल भेजा गया वह बाजार से खरीदे गए तेल से अलग था। उसकी बॉटल और उस पर लगा लेवल भी नकली लग रहा था, तो वहीं तेल से अलग तरह की बदबू आ रही थी। बाद में वह तेल वापस करना पड़ा।
साइट और हकीकत में अंतर
साइट में जो प्रोडक्ट कंपनियां FLIPKART दिखाती हैं वही पोडक्ट हकीकत में बिल्कुल अलग होता है। नाइक शू खरीदने पर वह लोकल शू की तरह लग रहा था।
मार्केट एक्सपर्ट आगाज मोहम्मद का कहना है कि ऑन लाइन सेक्टर पर काम कर रही कंपनियां नए प्रोडक्ट पर छूट नहीं देती हैं। उनका कहना है कि जब भी कोई सेल लगती है, चाहें वह किसी फुटपाथ पर, या किसी मॉल में, या फिर ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर लगे सभी की खास बात यही होती है कि सेल पर छूट के बहाने वह लोग उन उत्पादों को बेचते हैं, जिसको कोई पूछ नहीं रहा है, या फिर बिक्री कम हो गई है। कुछ ऐसा ही काम फ्लिपकार्ट FLIPKART, अमेजन जैसी कंपनियां करती हैं। सितंबर में यह लोग दीवाली दशहरा फेस्टिवल के अवसर पर जिन सामान पर छूट देती हैं, वो छूट भी वह अपनी तरफ से देती बल्कि ये छूट छोटे-बड़े सेलर द्वारा दी जाती है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि बाजार में जो प्रोडक्ट सस्ता मिल जाता है वही प्रोडक्ट ऑन लाइन में महंगा बेंचा जा रहा है।
प्रोडक्ट में रहता है भारी अंतर
रायपुर शहर की पूनम गर्ग ने बताया कि उन्होंने फ्लिपकार्ट FLIPKART में ऑफर देखकर इंदुलेखा तेल खरीदा था। वहां से जो तेल भेजा गया वह बाजार से खरीदे गए तेल से अलग था। उसकी बॉटल और उस पर लगा लेवल भी नकली लग रहा था, तो वहीं तेल से अलग तरह की बदबू आ रही थी। बाद में वह तेल वापस करना पड़ा।
साइट और हकीकत में अंतर
साइट में जो प्रोडक्ट कंपनियां FLIPKART दिखाती हैं वही पोडक्ट हकीकत में बिल्कुल अलग होता है। नाइक शू खरीदने पर वह लोकल शू की तरह लग रहा था।



