न्यूज़ सर्च@रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरी निकाय चुनाव समिति की बैठक में नगरी निकाय एक्ट में बदलाव करने का फैसला लिया है। नगरी निकाय मंत्री शिव कुमार डहरिया ने कहा कि अब अप्रत्यक्ष प्रणाली से ही नगरी निकाय के चुनाव होंगे। साल 1994 में अविभाज्य एमपी में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करते थे। 1999 से इनका चुनाव, विधायक व सासंद की तरह सीधे जनता के द्वारा होने लगा था। छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर से 1994 के नियम को राज्य में लागू कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में अब तक महापौर पालिकाध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता के द्वारा मतदान करके किया जाता था नियम में बदलाव के बाद अब मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर यहां भी इन पदों का पर उम्मीदवार का चयन पार्षद करेंगे।
नगरी निकाय चुनाव समिति की बैठक में शामिल कैबिनेट मंत्री शिव हडहरिया , मंत्री मोहम्मद अकबर और मंत्री रविंद्र चौबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इसका मसौदा भी तैयार हो चुका है। कैबिनेट में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। नगरीय निकायों का चुनाव मतपत्रों से ही होगा। आरक्षण रोस्टर के आधार पर जो पात्र है वही मेयर बन सकेगा।
नगरी निकाय चुनाव समिति की बैठक में शामिल कैबिनेट मंत्री शिव हडहरिया , मंत्री मोहम्मद अकबर और मंत्री रविंद्र चौबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इसका मसौदा भी तैयार हो चुका है। कैबिनेट में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। नगरीय निकायों का चुनाव मतपत्रों से ही होगा। आरक्षण रोस्टर के आधार पर जो पात्र है वही मेयर बन सकेगा।


