लोकार्पण कार्यक्रम में हुआ पूर्व मंत्री का विरोध तो बचाओ में उतरे कांग्रेसी महापौर (वीडियो देखने के लिए क्लिक करें)
न्यूज सर्च@रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य में भले ही कांग्रेस की सत्ता आ गई हो, लेकिन भाजपा के शासनकाल में मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल आज विधायक रहते हुए भी किसी मंत्री से कम नहीं हैं। इन्हें बड़े-बड़े कांग्रेसी नेता तक शासन का 14वां मंत्री तक कहते हैं। यह बात पहली बार नहीं बल्कि फिर से दूसरी बार कांग्रेसियों ने खुद साबित कर दी है।(वीडियो देखने के लिए क्लिक करें)
दरअसल भाजपा के पूर्व मंत्री विधायक बृजमोहन अग्रवाल आज अपनी ही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ब्राह्मणपारा वार्ड में एक सामुदायिक भवन और गार्डन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। वहां बड़ी संख्या में महिलाओं और बुजुर्गों सहित अन्य लोगों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर बृजमोहन का विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि सामुदायिक भवन में भाजपा पार्षद दीपक दुबे का काफी समय से कब्जा है। बृजमोहन इस मामले में बुरी तरह से फंस गए थे और जनता की विरोध का सामना कर रहे थे, लेकिन तभी वहां रायपुर महापौर प्रमोद दुबे कई कांग्रेसी नेताओं के साथ वहां पहुंच गए। लोगों ने सोचा चुनावी समय में प्रमोद दुबे व अन्य कांग्रेसी इस मुद्दे को जरूर बनाएंगे लेकिन हुआ कुछ उल्टा ही। सभी बृजमोहन अग्रवाल के बचाव में कूद पड़े। हालत यह रही कि खुद कांग्रेसी नेता बृजमोहन को एक किनारे ले गए, उन्हें शांत कराया और जनता को ही कोसने लगे। कांग्रेसियों का समर्थन पाते ही बृजमोहन का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वह अपने आपको लोगों का मसीहा बताते हुए उद्घाटन बिना किए ही वहां से चले गए। इधर कांग्रेसी बेकसूर जनता को समझाते रहे कि "नेताजी उन्हीं की सुनने और उन्हीं की मदद करने तो यहां आए थे... खामखा उन्हें नाराज कर दिया देखो वो दुखी होकर चले गए।" इस सबसे साफ साबित होता है कि भले ही भाजपा और कांग्रेस में आज जमीन आसमान या खाई की तरह टकराव हो लेकिन बृजमोहन अग्रवाल ऐसे नेता हैं जो आज भी किसी मंत्री से कम ताकत नहीं रखते और उन्हें मंत्री बने बिना ही यूं ही 14वां मंत्री नहीं कहा जाता।

