स्व सहायता समूह बच्चो के पेट पर डाल रहे डांका, मध्याह्न भोजन में मिनु के आधार से नहीं मिलता खाना
बम्हनीडीह ब्लाक अन्तर्गत ग्राम पंचायत खपरीडीह के प्राथमिक शाला व पूर्व माध्यमिक शाला का मामला
न्यूज सर्च@बम्हनीडीह- एक तरफ सरकार जहां आम जनता को विभिन्न सुविधाएं मुहैया करा रही है चाहे वो मेडिकल के क्षेत्र में हो या शिक्षा के क्षेत्र में, सरकारी सुविधाओं ने आम जनता का मन मोह रखा है तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी दावों पर ग्रहण भी लगता जा रहा है। हम इस वक्त बात कर रहे हैं मध्याह्न भोजन की सच्चाई। सरकार भले ही बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का दावा कर रही पर पौष्टिक भोजन तो दूर बच्चों को मीनु के आधार पर खान भी नसीब नहीं हो रहा है। हम बात कर रहे हैं बम्हनीडीह विकास खंड के खपरीडीह के स्कूलों की जहां शासकीय प्राथमिक शाला और शासकीय
पूर्व माध्यमिक शाला जो एक ही जगह पर संचालित हैं। यहां बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाने का जिम्मा अमोदी के जय संतोषी मां स्व सहायता समिति के पास है। समिति की अध्यक्ष बदरा बाई साहू है। बच्चों के खाने में क्या बना है यह पूछने पर उन्होंने बताया कि आज आलू बड़ी की सब्जी और दाल चावल बना है। बच्चों ने बताया कि रोज खाने में आलू बड़ी, आलु कुंदरू या लौकी दिया जाता है चांवल में दाल और
सब्जी मात्रा भी काफी कम रहती है।
बम्हनीडीह ब्लाक अन्तर्गत ग्राम पंचायत खपरीडीह के प्राथमिक शाला व पूर्व माध्यमिक शाला का मामला
न्यूज सर्च@बम्हनीडीह- एक तरफ सरकार जहां आम जनता को विभिन्न सुविधाएं मुहैया करा रही है चाहे वो मेडिकल के क्षेत्र में हो या शिक्षा के क्षेत्र में, सरकारी सुविधाओं ने आम जनता का मन मोह रखा है तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी दावों पर ग्रहण भी लगता जा रहा है। हम इस वक्त बात कर रहे हैं मध्याह्न भोजन की सच्चाई। सरकार भले ही बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का दावा कर रही पर पौष्टिक भोजन तो दूर बच्चों को मीनु के आधार पर खान भी नसीब नहीं हो रहा है। हम बात कर रहे हैं बम्हनीडीह विकास खंड के खपरीडीह के स्कूलों की जहां शासकीय प्राथमिक शाला और शासकीय
पूर्व माध्यमिक शाला जो एक ही जगह पर संचालित हैं। यहां बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाने का जिम्मा अमोदी के जय संतोषी मां स्व सहायता समिति के पास है। समिति की अध्यक्ष बदरा बाई साहू है। बच्चों के खाने में क्या बना है यह पूछने पर उन्होंने बताया कि आज आलू बड़ी की सब्जी और दाल चावल बना है। बच्चों ने बताया कि रोज खाने में आलू बड़ी, आलु कुंदरू या लौकी दिया जाता है चांवल में दाल और
सब्जी मात्रा भी काफी कम रहती है।
स्कूल की हालत खराबहै
गुरुवार को एक तरफ जहां पहली से 5वीं क्लास के बच्चे पढाई कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उनके लिए खाना बन रहा था। गैस की सुविधा न होने से खाना चुल्हे में बनता है। इससे स्कूल परिसर में धुंवा ही धुंवा दिखता है। वहीं दूसरी ओर जा
शासकीय पुर्व मा. शा. मे भी लकड़ी चुल्हा में खाना बन रहा इस बारे में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कमल किशोर बंजारे
ने मामले की जांच कर कार्यवाही की बात कही है। शासकीय प्राथमिक वाला के प्रधान पाठक जमादार सिंह कवर का कहना है कि रसोईयों को कई बार बोल चुके हैं पर वे नहीं मानते हैं और अपनी मन मौजी से खाना बनाते हैं। गांव की समिति भी कई बार निरीक्षण करने आ चुकी है और मीनु के आधार पर खाना बनने की हादायत दे चुकी है। इसके बाद समिति दो चार दिन ठीक से खना बनाती है फिर इनका रवैया जस के तस हो जाता है। शासकीय पुर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक आर.के मसीह ने बताया कि रसोईयों द्वारा बताया जाता है कि हरी सब्जी नहीं मिल रही है। वह काफी महंगी है। बच्चों के खाने की समस्या है इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जी
शासकीय पुर्व मा. शा. मे भी लकड़ी चुल्हा में खाना बन रहा इस बारे में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कमल किशोर बंजारे
ने मामले की जांच कर कार्यवाही की बात कही है। शासकीय प्राथमिक वाला के प्रधान पाठक जमादार सिंह कवर का कहना है कि रसोईयों को कई बार बोल चुके हैं पर वे नहीं मानते हैं और अपनी मन मौजी से खाना बनाते हैं। गांव की समिति भी कई बार निरीक्षण करने आ चुकी है और मीनु के आधार पर खाना बनने की हादायत दे चुकी है। इसके बाद समिति दो चार दिन ठीक से खना बनाती है फिर इनका रवैया जस के तस हो जाता है। शासकीय पुर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक आर.के मसीह ने बताया कि रसोईयों द्वारा बताया जाता है कि हरी सब्जी नहीं मिल रही है। वह काफी महंगी है। बच्चों के खाने की समस्या है इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जी


