शतरंज कि मोहरे बिछा पहली बार चुनावी मैदान में उतरे घनश्याम मनहर
न्यूज सर्च@सारंगढ़:- राजनीति के लिए नौकरी छोड़ 11 साल तक चाणक्य की भांति त्याग एवं कठोर संघर्ष कर सारंगढ़ में राजनीति के चाणक्य के रूप में विख्यात एवं शतरंज के मोहरे बिछाने में माहिर घनश्याम मनहर (गुरुजी)पिछले 11 साल से सिर्फ दूसरों के लिए अपना दिमाग दौड़ाते थे जो अब पहली बार खुद के लिए दिमाग दौड़ाने में जुट गये हैं क्योंकि वे खुद इस बार त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में प्रत्यक्ष भाग ले जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) पद के लिए क्षेत्र क्रमांक 7 कोसीर से चुनाव लड़ रहे हैं घनश्याम मनहर उस वक्त सरकारी नौकरी से त्याग पत्र दे दिया जब उनकी पत्नी 2008 के विधानसभा चुनाव लड़ी उस दौरान उन्होंने अपने चाणक्य नीति से श्रीमती पद्मा मनहर जो उनकी अर्धांगिनी है को सारँगढ़ विधानसभा से कांग्रेस पार्टी का विधायक जिताने में सफल हुये इसके अलावा घनश्याम मनहर ने विभीन्न क्षेत्रों में चुनाव संचालन की सफलतम जिम्मेदारी का निर्वहन किया लेकिन कभी खुद चुनाव नही लड़े राजनीति में आने से पूर्व घनश्याम मनहर एक अच्छे शिक्षक के रूप में भी विख्यात रहे जिसकी वजह से आज भी लोग उन्हें गुरुजी कहकर ही संबोधित करते हैं
वर्तमान में जिस जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 7 कोसीर से डीडीसी पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं उस अंचल में उनके अनेकों शिष्य हैं यहां उनके समर्थकों की भी भारी फौज है कुशल राजनीति में माहिर घनश्याम मनहर का नाम कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के रूप में नाम सामने आने से विरोधियों में हड़कम्प है।
न्यूज सर्च@सारंगढ़:- राजनीति के लिए नौकरी छोड़ 11 साल तक चाणक्य की भांति त्याग एवं कठोर संघर्ष कर सारंगढ़ में राजनीति के चाणक्य के रूप में विख्यात एवं शतरंज के मोहरे बिछाने में माहिर घनश्याम मनहर (गुरुजी)पिछले 11 साल से सिर्फ दूसरों के लिए अपना दिमाग दौड़ाते थे जो अब पहली बार खुद के लिए दिमाग दौड़ाने में जुट गये हैं क्योंकि वे खुद इस बार त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में प्रत्यक्ष भाग ले जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) पद के लिए क्षेत्र क्रमांक 7 कोसीर से चुनाव लड़ रहे हैं घनश्याम मनहर उस वक्त सरकारी नौकरी से त्याग पत्र दे दिया जब उनकी पत्नी 2008 के विधानसभा चुनाव लड़ी उस दौरान उन्होंने अपने चाणक्य नीति से श्रीमती पद्मा मनहर जो उनकी अर्धांगिनी है को सारँगढ़ विधानसभा से कांग्रेस पार्टी का विधायक जिताने में सफल हुये इसके अलावा घनश्याम मनहर ने विभीन्न क्षेत्रों में चुनाव संचालन की सफलतम जिम्मेदारी का निर्वहन किया लेकिन कभी खुद चुनाव नही लड़े राजनीति में आने से पूर्व घनश्याम मनहर एक अच्छे शिक्षक के रूप में भी विख्यात रहे जिसकी वजह से आज भी लोग उन्हें गुरुजी कहकर ही संबोधित करते हैं
वर्तमान में जिस जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 7 कोसीर से डीडीसी पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं उस अंचल में उनके अनेकों शिष्य हैं यहां उनके समर्थकों की भी भारी फौज है कुशल राजनीति में माहिर घनश्याम मनहर का नाम कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के रूप में नाम सामने आने से विरोधियों में हड़कम्प है।


