15 दिन तक पुलिस ने चलाया आपरेशन सोमानी
बिहार के किडनेपरो ने up में रखा था छुपाकर
न्यूज़ सर्च@रायपुर:- राजधानी से अपहर्त उद्योगपति प्रवीण सोमानी को पुलिस ने किडनैपरो से छुड़ा लिया है। उन्हें बुधवार को सुरक्षित रायपुर लाया गया। उद्योगपति को बिहार के कुख्यात अपहरण गिरोह चंदन सोनार के पप्पू चौधरी और उसके साथियों ने किडनेप किया था। पुलिस ने उनकी तलाश में अलग अलग राज्यो में 15 दिन सर्चिंग अभियान चलाया था। अपहरण करने वाले पप्पू और उसके एक साथी को भी पुलिस ने अरेस्ट किया है।Dgp डीजीपी डीएम अवस्थी ने मामले का खुलासा किया कि उद्योगपति प्रवीण सोमानी का अपहरण ऑफ़िस से लौटते हुआ था। प्रवीण 8 जनवरी को शाम 6 बजे सिलतरा स्थित अपने ऑफ़िस से पंडरी स्थित घर जाने के लिये कार से निकले थे। इसी बीच उनका अपहरण हो गया। आरोपियों ने सिलतरा से निकलते ही उनका अपहरण कर लिया था। फिर उनकी कार को पर्सुलीड़ीह में छोड़ दिया था। देर रात को परीजनो ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
यह थी पुलिस की टीम
Ssp आरीफ़ शेख ने सोमनी की तलाश के लिये 8 टीमें बनाई थी, जिसकी मॉनिटरिंग वह खुद कर रहे थे। इसमें asp ग्रामीण तारकेस्वर पटेल, csp उरला अभिषेक माहेस्वरि, ti रामाकान्त साहू, ti अस्वनी राठौर, ti विशाल सोन आदी सहित 40 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे।ऐसे चला ऑप्रेशन
पुलिस को सोमनी की कार के साथ सफेद रंग की सन्धिग्ध कार दिखी थी, पुलिस ने इस कार का पीछा किया, कार की फुटेज के आधार पर कार मालिक तक पहुचे थे।उद्योगपति के अपहरण मामले की झलकियां
* 13 दिवस के भीतर चैकी सिलतरा क्षेत्र से अपहृत कारोबारी प्रवीण सोमानी को बिहार के कुख्यात अपहरण गिरोह से किया गया सकुशल बरामद एवं गिरोह के दो सदस्य को भी किया गया गिरफ्तार। दिनांक 08 जनवरी 2020 को चैकी सिलतरा क्षेत्र से हुआ था कारोबारी प्रवीण सोमानी का अपहरण।
अपने प्लांट से घर जाने के बीच में अज्ञात आरोपियों ने कर लिया था कारोबारी प्रवीण सोमानी का अपहरण।
अपहरण के बाद से आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु 06 से अधिक टीमों का किया गया था गठन।
आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के अध्ययन से हुई थी अपहरण की पुष्टि एवं घटना में प्रयुक्त 02 अज्ञात वाहनों के संबंध में मिली थी जानकारी।
रायपुर से लेकर प्रतापगढ़ (उ.प्र.) तक के 1500 किलो मीटर से अधिक दूरी के सीसीटीवी फुटेज का किया गया अध्ययन व विश्लेषण।
घटना प्रथम दृष्टया किसी प्रोफेशनल अपहरण गिरोह के द्वारा करना हो रहा था प्रतीत।
अपहृत कारोबारी की कार थाना विधानसभा क्षेत्र के रामकुंज कालोनी से की गई थी बरामद।
घटना स्थल सहित 1500 किलो मीटर से भी ज्यादा दूरी के क्षेत्र का किया गया तकनीकी विश्लेषण।
आरोपियों द्वारा बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से दिया गया था अपहरण की घटना को अंजाम।
आरोपियों ने घटना से पूर्व 03 माह तक किया था रेकी कर अपहरण की तैयारी।
पूर्व में भी आरोपियों द्वारा दिया जा चुका है अपहरण की बहुत सी घटनाओं को अंजाम।
आरोपियों के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर टीमें की गई थी उड़ीसा, गुजरात, बिहार एवं उत्तर प्रदेश रवाना।
टीमों द्वारा उड़ीसा, गुजरात, बिहार एवं उत्तर प्रदेश में जाकर कैम्प करते हुये प्रारंभ किया गया आरोपियों के संबंध में जानकारी एकत्र करना।
आरोपियों द्वारा घटना करने के लिये किया गया था फर्जी गाड़ी नंबरों का उपयोग।
गिरोह के सभी सदस्य है अलग - अलग राज्यों के निवासी।
पप्पू चैधरी पूर्व में हिंगोरा अपहरण काण्ड में भी रह चुका है आरोपी।
पप्पू चैधरी मूलतः है कुख्यात अपहरण गिरोह के सरगना चंदन सोनार का शार्गिद।
आरोपी पप्पू चैधरी मूलतः जिला वैशाली बिहार के बीदूपुर थाना के गंगा किनारे दीयरा के बहुत ही बीहड़ गांव मथुरा गोकुला क्षेत्र का है निवासी।
टीम द्वारा इस गिरोह से जुड़े बिहार, गुजरात, उड़ीसा एवं उत्तर प्रदेश के दर्जनों लोगों को उठाकर की गई उनसे गहन पूछताछ एवं दर्जनों ईलाकों में की गई छापेमार कार्यवाही।
इसी दौरान टीम को सी.सी.टी.व्ही. फुटेज एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर स्थानीय शेल्टर उपलब्ध कराने वाले अनिल चैधरी को दोंदेकला से पकड़ने में मिली सफलता।
अलग - अलग राज्यों में कैम्प कर आरोपियों की गिरफ्तारी में काम कर रही टीमों को गिरोह के एक अन्य सदस्य मुन्ना नाहक निवासी गंजाम उडीसा को गिरफ्तार करने में टीम को मिली सफलता।
गिरोह का सरगना पप्पू चैधरी अपने गिरोह के अन्य सदस्यों को देता था उतनी जानकारी जितनी आवश्यकता हो।
टीम द्वारा लगातार अलग - अलग राज्यों में 14 से अधिक दिनों तक लगातार कैम्प करते हुये अपहृतों के चंुगल से प्रवीण सोमानी को छुड़ाने में मिली सफलता।


