कुछ सालों से बाजार में बढ़ी है ईको फे्रंडली गिफ्ट आइटम की डिमांड
नर्सरी में फूल व अन्य पौधों से अधिक इंनडोर व लकी प्लांट्स की हो रही बिक्री
रायपुर.
पहले जब कोई त्यौहार या कार्यक्रम होता था तो मिठाइयों के साथ चमकीले पेपर
में कवर्ड गिफ्ट की डिमांड काफी बढ़ जाती थी। बाजार में तरह-तरह के गिफ्ट
आइटम की दुकाने सज जाती थीं, लेकिन अब इसका क्रेज कम होता जा रहा है। पिछले
कुछ सालों से लोगों में ग्रीन गिफ्ट यानि पौधे गिफ्ट करने का क्रेज काफी
बढ़ा है। इससे बाजार में लकी प्लांट्स के साथ-साथ घर के अंदर रखे जाने वाले
पौधों की खासी डिमांड बढ़ी है। इस बारे में जब प्रकृति की ओर सोसायटी के
सचिव मोहन वल्योनी से बात की गई तो उनका कहना था कि प्रकृति से सभी को
प्रेम करना चाहिए। पौधे ऑक्सीजन देकर हमें जिंदगी देते हैं। इसलिए उपहार के
रूप में पौधों से अच्छी भेंट और दूसरी नहीं है। सभी लोगों चाहिए कि वह
भेंट के रूप में अक्सीजन देने वाले पौधे भेंट करें और अधिक से अधिक पौधे
लगाएं भी।
इन पौधों की है डिमांड
नर्सरी के संचालक ने बताया
कि कैलाथिया मैडेलियन, रैटल स्नेक प्लांट, स्नेक प्लांट, अफ्रीकन स्पीयर
प्लांट, कोस्टा फॉम्र्स, पैथोस जेड, कॉइन प्लांट या चाइनीज मनी प्लांट,
बड्र्स नेट फर्न, व्हाइट कैक्टस या व्हाइट घोस्ट, स्पाइडर प्लांट, रोजमैरी,
लकी बैंबू प्लांट, बोनजाई, जेड प्लांट या एशियन मनी ट्री, मोथ ऑर्चिड्स की
खासी डिमांड है। लोग इन्हें घर में रखने के साथ ही गिफ्ट करने के लिए भी
ले जाते हैं। इन पौधों की कीमत बाजार में ५0 रुपये से लेकर १५० रुपए तक
होती है। बोनजाई ट्री थोड़े महंगे हैं।
सेरैमिक पॉट में मनी प्लांट
मनी
प्लांट की बात करें तो यह लगभग सभी घरों में देखने को मिल जाता है। इसलिए
लोग इसे सेरैमिक पॉट में लगाकर अधिक गिफ्ट करते हैं। मनी प्लांट मतलब
लक्ष्मी जी का वास इसलिए मनी प्लांट एक बेहतरीन उपहार है जो दोस्त, परिवार
और अपने प्रियजनों को दिया जा सकता है।
इंडोर प्लांट्स को पानी देने में न करें ये गलतियां
नर्सरी
के संचालक का कहना है कि घर में लगे पौधों के पत्ते अगर ब्राउन होने लगते
हैं तो हमको लगता है कि पौधे सूख रहे हैं और उन्हें पानी देने की जरूरत
है। यह जरूरी नहीं है कि हर बार पानी की कमी से ऐसा हो। इसलिए इन प्लांट्स
को पानी देने में सावधानी जरूरी है। पानी की कमी या अत्यधिक गर्मी से
पौधों की पत्तियां पीली होने लगती हैं। ऐसे में थोड़ा पानी देना चाहिए।
इंडोर प्लांट्स को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है। जरूरत से ज्यादा
पानी देने से पौधों की आयु कम हो जाती है। अधिक पानी से मिट्टी दलदली हो
जाती इसमें ऑक्सीजन का संचार नहीं हो पाता और पौधे सूखने लगते हैं। ऐसे
पौधों के लिए बारिश या कुएं का पानी सबसे अच्छा रहता है। बारिश का पानी
देने से पौधा हराभरा रहेगा। पौधों के लिए नल का पानी भी ठीक है, लेकिन
केमिकल युक्त पानी का प्रयोग बिलकुल न करें। इसके साथ ही पौधों को सुबह के
समय ही पानी दें।