समन्वय से दूर होगा जिले से कुपोषण
विभिन्न विभागों के साथ सुपोषण अभियान की कार्ययोजना संबंधी बैठक
न्यूज सर्च@जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की कार्ययोजना बनाए जाने के संबंध में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के निर्देश एवं मार्गदर्शन में जिले में सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। सुपोषण अभियान के संबंध में बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उप संचालक पंचायत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर, सक्ती, सहायक परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास अधिकारी, एनआरएलएम, मनरेगा, जिला समन्वयक एसबीएम के अधिकारियों से कहा कि वे आपसी समन्वय बनाकर मिशन के रूप में कार्य करते हुए बेहतर कार्ययोजना तैयार करें ताकि जिले से कुपोषण को पूरी तरह से दूर कर सुपोषण बनाया जा सके। जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने सिलसिलेवार कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की चल रही योजनाओं का लाभ महिलाओं एवं बच्चों को अधिक से अधिक देने कहा साथ ही प्रतिमाह स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर नियमित वजन करने, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड तथा केल्सियम की खुराक प्रदान करने और उसे नियमित रूप से सेवन कराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान में महिला बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। नियमित रूप से आंगनबाड़ी के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए तथा केन्द्र में दिये जाने वाले भोजन की पौष्टिकता की नियमित रूप से जांच किए जाने कहा। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के साथ नियमित मासिक बैठक करने, स्तनपान, पूरक पोषण आहार, टीकाकरण एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व से महिलाओं को अवगत कराने कहा। एसबीएम के माध्यम से पोषण के मूल में स्वच्छता है एवं साबुन से हाथ धुलाई के बारे में लोगों को जागरूक करने कहा। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान को ग्रामसभा के नियमित एवं आवश्यक एजेंडा के रूप में शामिल कर जागरूकता लाने का कार्य किया जाए। महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक मुनगा, पपीता के पेड़ लगाए जाने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से कहा कि ऐसे जलस्रोत जहां से लोगों के घरों में पानी पहुंचता है वहां पर नियमित रूप से पानी की जांच की जाए। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को नजजल योजना का लाभ देने कहा। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत 6 से 14 वर्ष के छात्र-छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने, शालाओं में अध्ययनरत छात्राओं को सेनेटरी पेड के उपयोग के बारे में जानकारी देने कहा।
विभिन्न विभागों के साथ सुपोषण अभियान की कार्ययोजना संबंधी बैठक
न्यूज सर्च@जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की कार्ययोजना बनाए जाने के संबंध में बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के निर्देश एवं मार्गदर्शन में जिले में सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। सुपोषण अभियान के संबंध में बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उप संचालक पंचायत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर, सक्ती, सहायक परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास अधिकारी, एनआरएलएम, मनरेगा, जिला समन्वयक एसबीएम के अधिकारियों से कहा कि वे आपसी समन्वय बनाकर मिशन के रूप में कार्य करते हुए बेहतर कार्ययोजना तैयार करें ताकि जिले से कुपोषण को पूरी तरह से दूर कर सुपोषण बनाया जा सके। जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने सिलसिलेवार कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की चल रही योजनाओं का लाभ महिलाओं एवं बच्चों को अधिक से अधिक देने कहा साथ ही प्रतिमाह स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर नियमित वजन करने, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड तथा केल्सियम की खुराक प्रदान करने और उसे नियमित रूप से सेवन कराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान में महिला बाल विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। नियमित रूप से आंगनबाड़ी के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए तथा केन्द्र में दिये जाने वाले भोजन की पौष्टिकता की नियमित रूप से जांच किए जाने कहा। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं के साथ नियमित मासिक बैठक करने, स्तनपान, पूरक पोषण आहार, टीकाकरण एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व से महिलाओं को अवगत कराने कहा। एसबीएम के माध्यम से पोषण के मूल में स्वच्छता है एवं साबुन से हाथ धुलाई के बारे में लोगों को जागरूक करने कहा। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान को ग्रामसभा के नियमित एवं आवश्यक एजेंडा के रूप में शामिल कर जागरूकता लाने का कार्य किया जाए। महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक मुनगा, पपीता के पेड़ लगाए जाने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से कहा कि ऐसे जलस्रोत जहां से लोगों के घरों में पानी पहुंचता है वहां पर नियमित रूप से पानी की जांच की जाए। गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को नजजल योजना का लाभ देने कहा। प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में अध्ययनरत 6 से 14 वर्ष के छात्र-छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने, शालाओं में अध्ययनरत छात्राओं को सेनेटरी पेड के उपयोग के बारे में जानकारी देने कहा।


